बहुत ढील दी थी अब खुलेगी सारी पोल,जुबेर को लाया गया बंगलोर


दोस्तो बहुत बार ऐसा होता है जब लोग बिना सोचे समझे किसी भी धर्म को लेकर टिपण्णीया देने लगते है या विवादित बयान दे देते है जिससे उस धर्म को मानने वाले लोगो ठेस पहुंचती है ।कई बार तो ऐसे मामले काफी ज्यादा तूल पकड़ लेते है और सड़को पर प्रदर्शन होने लगते है ।अब ऐसे मामलो में बिल्कुल ढील नहीं बरती जाएगी सच सबके सामने लाया जाएगा ।आज हम आपको ऐसे ही मामले के बारे में बताने वाले है जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

दिल्ली पुलिस के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) के अधिकारी आगे की जांच के लिए गुरुवार को फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को बेंगलुरु लेकर आए हैं.

क्यों गिरफ्तार हुए जुबैर?

बता दें कि जुबैर को 2018 के एक ट्वीट से कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, जुबैर को बेंगलुरु के फ्रेजर टाउन इलाके में उनके आवास पर ले जाया जाएगा. जांचकर्ता आगे की जांच के लिए उनके घर से उनका लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर सकते हैं.

अधिकारियों की आलोचना

विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों की आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को तोड़ने का एक हताश प्रयास है. लोकतंत्र के सभी प्रेमियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए, जो देश में अघोषित आपातकाल लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.’

पुलिस पर उठे सवाल

गौरतलब है कि जुबैर की गिरफ्तारी के बाद ऑल्ट न्यूज़ के संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने जुबैर की गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई है. उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया है. हालांकि कुछ देर बाद मामला साफ हो गया. पुलिस ने बताया कि जुबैर के खिलाफ आईपीसी की धारा 153/295 के तहत केस दर्ज किया गया था, इसी में उनकी गिरफ्तारी की गई है. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से जुबैर को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. फिर इन्हें बेंगलुरु ले जाने की बात हुई क्योंकि जुबैर ने जांच में सहयोग नहीं किया.

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