गर्भवती पत्नी को तीन तलाक देकर पति ने घर से बाहर निकला, जेठ के साथ हलाला और 5 लाख रुपये की डिमांड

दोस्तो लाख कोशिशें करने पर भी महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और शोषण के मामले कम नही हुए ।वो तो महिलाएं सामने आकर बताती नही है बहुत कम महिलाए है जो इसके खिलाफ बोलने का दम रखती है लेकिन उसके दम को भी तलाक के साथ तोड़ने का प्रयास किया जाता है ।आज हम आपको ऐसे मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे एक शख्स ने अपनी गर्भवती पत्नी को तलाक दे घर से निकाला । जब लड़की वालो ने मामला सुलझाने का प्रयास किया तो ससुराल वालो ने रख डाली ये शर्त ।इस मामले से जुड़ी पूरी खबर जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े ।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से तीन तलाक का मामला सामने आया है. जहां पर एक शख्स ने अपनी गर्भवती पत्नी को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया. रोती-बिलखती पीड़िता जब घर पहुंची तो उसने अपनी मां को आपबीती बताई. पीड़िता की मां ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया. इस पर ससुराल पक्ष ने बहू के सामने एक शर्त रख दी. ससुराल वालों ने कहा कि बहू को पहले जेठ के साथ हलाल करना होगा साथ ही 5 लाख रुपये नगद देने होंगे. पीड़िता ने इस शर्त मानने से इनकार कर दिया और थाने में शिकायत दर्ज कराई.  

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ससुराल वालों ने तीन तलाक का हवाला देते हुए कहा कि हलाला और 5 लाख रुपये की रकम के बाद ही उसे फिर से इस घर में रहने दिया जाएगा. पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी 2019 में हुई सुफियान उर्फ बाबर के साथ हुई थी उसके पिता का इंतकाल हो चुका है. अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज दिया गया था पर लड़का पक्ष इससे खुश नहीं था और लगातार 5 लाख रुपये की डिमांड करता रहा. 

पीड़ित महिला का आरोप है कि ससुर, देवर और घर की दो महिलाओं के दबाव में उसका पति उससे बदसलूकी करने लगा. फिर तीन तलाक देकर उसे घर से बाहर निकाल दिया. लखनऊ के सआदतगंज थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और जिसके बाद पुलिस ने महिला के साथ हुए तीन तलाक मामले में पति,ससुर, देवर समेत अन्य दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज लिया है. सहादतगंज के थाना अध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि, महिला को दिए गए तीन तलाक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धारा 498( ए), 323, 504 ,506 और 3/4 डीपी एक्ट( दहेज प्रथा अधिनियम) और 3/4 मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है.

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