पक्षियों के अंडे खाकर अमेजन के जंगलों में भटकता रहा पायलट, 5 हफ्तों बाद जिंदा लौट कर आया तो..

मित्रों वैसे तो सोशल मीडिया पर आये दिन कोई न कोई अजीबो गरीब घटनायें सुनने को मिलती ही रहती है, आज भी कुछ ऐसी ही खबर सुनने में आ रही है, जिसके अनुसार आज हम एक ऐसे पायलट के संबंध में बात करने वाले है, जो पक्षियों के अंडे खाकर 5 हफ्तों तक जिन्दा रहा, बड़ी मुश्किलों के बाद अमेजन के जंगलो से वापस लौटा ये पायलट। ये मंजर कैसा होगा? आप भी समझ सकते हो क्योंकि पल भर के लिए अपनी आंखें बंद कीजिए और कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे इंसान हैं, जो किसी खतरनाक जंगल में फंस गए हैं, आपके पास न भूख मिटाने के लिए खाना है, और न ही वापसी की कोई उम्मीद तो आप आखिर क्या करेगें?

दरअसल इस घटना के संबंध में जो भी सुनता है वो हक्का-बक्का रह जाता है। क्योंकि ऐसी स्थिति में अधिकांश लोगों का दिमाग काम करना बन्द कर देता है। अब अपनी आंखें खोलिए और भगवान का शुक्रिया अदा कीजिए कि यह आपकी कल्पना भर है, मगर, क्या आप जानते हैं कि यह किसी इंसान की असली कहानी है? आपको बता दें कि यह कहानी है 36 साल के एक ऐसे पायलट की, जो पांच हफ्तों तक एमेजन के खतरनाक जंगलों में फंसे रहने के बाद वापस लौटा है, मौत को मात देकर वापस लौटे इस पायलट का नाम एंटोनियो सेना है, एंटोनियो बीती 28 जनवरी से लापता थे, पुर्तगाल के एलेंकेर शहर से उड़ान भरने के बाद वो एलमेरियम शहर जा रहे थे, मैकेनिकल दिक्कत आने के चलते उनका हवाई जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि खुश किस्मती से एंटोनियो की जान बच गई, मगर एमेजन के खतरनाक जंगल में बिना खाने के जिंदा रहना उनके लिए आसान नहीं था, हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और किसी तरह गुजर-बसर करते रहे, पांच हफ्तों तक उन्होंने चिड़िया के अंडे और जंगली फल खाए, ताकि वो जिंदा रहे और अपने घर वापस लौट सके, दूसरी तरफ रेस्क्यू टीम एंटोनियो को खोज रही थी, अंतत: उन्होंने लापता एंटोनियों को खोज ही लिया। इस तरह जीने की इच्छाशक्ति और रेस्क्यू टीम की मदद से एंटोनियों अपने घर कुशलपूर्वक लौटे, डॉक्टर्स ने भी अपनी जांच में उन्हें एकदम स्वस्थ्य पाया है, एंटोनियों की हिम्मत को सलाम। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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