मुस्लिम अध्यापिका ने हिन्दू टीचर का तिलक लगाकर किया स्वागत, ईमान का पाठ पढ़ने लगे मुस्लिम टीचर

दोस्तो आजकल वैसे तो ज्यादातर लोग जाति,धर्म ,अमीर गरीब नहीं मानते लेकिन हमारे ही बीच कुछ लोग ऐसे निकल आते है जो इन सब को बहुत तवज्जो देते है ।जब हमारे घर कोई मेहमान आता है फिर चाहे वो किसी भी धर्म का हो उनका स्वागत सत्कार करना हमारा कर्तव्य है ।लेकिन इस वजह से कुछ लोगो को बहुत आपत्ति होती है।आज हम आपको ऐसे ही एक मामले के बारे में बताने वाले जिसमे मुस्लिम शिक्षिका की अधिकारी का स्वागत सत्कार करना पड़ गया भारी सभी सीखाने लगे उसे ईमान का पाठ क्या है पूरा मामला जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

तबादला होकर आए नए खंड शिक्षा अधिकारी के स्वागत कार्यक्रम में मुस्लिम महिला शिक्षिका द्वारा उनके माथे पर तिलक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में बवाल मचा गया।कुछ कट्टर सोच रखने वाले मुस्लिम शिक्षकों ने महिला शिक्षिका के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी। कट्टर सोच रखने वाले इन शिक्षकों से डरे बिना महिला शिक्षिका ने इस मामले की शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है। मुस्लिम शिक्षका ने कहा, ‘तिलक लगाने से उनका धर्म भ्रष्ट नहीं होता, बल्कि इस पर टीका टिप्पणी करने वाले का दिमाग भ्रष्ट होता है।’इस मामले में अब अलीगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर मामले में जांच के आदेश दिए है। कहा कि अगर महिला शिक्षिका द्वारा लगाए गए आऱोप अगर सच साबित होते हैं तो इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलीगढ़ के जवा क्षेत्र में कुछ दिन पहले स्थानांतरित होकर आए नए खंड शिक्षा अधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा ने कार्यभार संभाला था।खंड शिक्षा अधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा के आगमन पर उनका स्वागत समारोह शिक्षकों के द्वारा रखा गया था। इस दौरान मुस्लिम शिक्षिका ताहिरा ने उनका स्वागत किया और उनके माथे पर भारतीय संस्कृति के अनुरूप तिलक भी लगाया। मुस्लिम शिक्षिका ताहिरा द्वारा तिलक लगाते हुए फोटो एक व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हो गया। तस्वीर के वायरल होने के बाद महिला शिक्षिका के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाजी शुरू हो गई।

खबर के मुताबिक, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मुसलमान टीचर अफसोस करें या खुश हो कि एक मुसलमान टीचर हिंदू धर्म का पालन कितनी खुशी के साथ कर रही है, मुझे तो इस पर बेहद अफसोस है बाकी आपके अंदर कितना ईमान है, इसके जिम्मेदार आप हैं।’ तो वहीं, शिक्षिका ताहिरा परवीन ने कहा कि हमारा धर्म इंसानियत है और अगर टीका लगाने से मेरा धर्म परिवर्तन नहीं हुआ। तिलक लगाना भारतीय संस्कृति है। मुस्लिम शिक्षक उनके बारे में क्या कहते हैं, उन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनकी सोच पवित्र है।तो वहीं, इस मामले में शिकायत मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और नगर को जांच दे दी है और 3 दिन के लिए अंदर रिपोर्ट देने को कहा है। इस मामले पर कमेंट करने वाले उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने कहा कि यह मेरी पर्सनल राय थी, मेरा संवैधनिक अधिकार है।

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