शिंदे के बगावती तेवर के बाद महाराष्ट्र में उद्धव सरकार की कुर्सी हिलती हुई नजर आई

दोस्तो राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ पता नही चलता ।आपको बता दे उद्धव ठाकरे मुंबई में सरकार बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे जिसके लिए उन्होंने अपने दूत को एकनाथ शिंदे के पास भेजा था ।इस दौरान एकनाथ शिंदे और दूत मिलिंद नार्वेकर के बीच एक घंटे तक बात हुई लेकिन इस बातचीत का कोई फायदा होते हुए नजर नहीं आ रहा है ।जिसे देख सबके मन में एक ही सवाल है क्या उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने वाली है ।इस मामले से जुड़ी पूरी खबर जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

इस सवाल के पीछे की वजह एकनाथ शिंदे की वो शर्त मानी जा रही है जिससे राज्य की सियासत में भूचाल आया हुआ है। एकनाथ शिंदे ने ठाकरें को लेकर ये साफ कर दिया है वो शिवसेना में हैं और रहेंगे लेकिन शर्त ये है कि  शिवसेना कांग्रेस एनसीपी को छोड़कर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ले।एकनाथ शिंदे के बगावती तेवर के बाद महाराष्ट्र में उद्धव सरकार की कुर्सी हिलती हुई नजर आ रही है। शिंदे राज्य में हुए एमएलसी चुनाव के बाद पहले मुंबई से सूरत और अब वहां से बागी विधायकों की फौज को लेकर गुवाहाटी शिफ्ट हो गए हैं। शिंदे ने अपने साथ 40 विधायकों के होने का बड़ा दावा किया है। इसके अलावा शिंदे के साथ 33 शिवसेना के बागी विधायक और 7 निर्दलीय भी पहुंचे हैं।

असम: शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और अन्य पार्टी विधायक गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचे। https://t.co/tJfmFcQcB1 pic.twitter.com/QwWv55Luj6

— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2022

इन सभी बागियों को गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू में ठहराया गया है। बीजेपी नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास उन्हें रिसीव करने के लिए पहुंचे थे। सुशांत बोरगोहेन ने कहा, “मैं यहां इन्हें (सूरत से गुवाहाटी आए विधायक) लेने आया हूं। मैं व्यक्तिगत रिश्ते की वजह से इन्हें यहां लेने आया हूं। मैंने गिनती नहीं की हुई है कि कितने विधायक यहां आए हुए हैं। मुझे उन्होंने अपने कार्यक्रम के बारे में नहीं बताया है।”

#WATCH गुजरात: कल रात सूरत के एक होटल का यह वीडियो है जहां शिवसेना के विधायक पार्टी नेता एकनाथ शिंदे के साथ असम के गुवाहाटी जाने से पहले तक रुके थे। pic.twitter.com/QedPwYP5hy

— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2022

मैं बाला साहब ठाकरे का सच्चा शिवसैनिक- शिंदे

उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से मिलने के लिए मिलिंद नार्वेकर को अपना दूत बनाकर भेजा था। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। इस बातचीत में एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि उनके साथ कुल 40 विधायकों का समर्थन है। शिंदे ने कहा कि मैंने पार्टी विरोध में किसी तरह का कोई भी फैसला नहीं लिया फिर मुझे ग्रुप लीडर पद से क्यों हटाया गया। मेरा शिवसेना छोड़ने का कोई विचार नहीं, मैं हमेशा से ही बाला साहब ठाकरे का सच्चा शिवसैनिक था और रहूंगा

Leave a comment

Your email address will not be published.