लड़के ने कूड़ा बीनकर पूरी की पढ़ाई,अब अग्निवीर बन करना चाहता है देश की सेवा

दोस्तो जीवन में वही इंसान काम याब होता है जिसमे कुछ कर दिखाने का जज्बा होता है। सभी माता पिता चाहते है उनका बच्चा पढ़े लिखकर बड़ा अफसर बन जाए अपने पैरो पर खड़ा हो जाए जिसके लिए माता पिता अपनी इच्छाओं को दबा कर बच्चो को सारी सुख सुविधाएं देते है लेकिन इसके बावजूद भी बच्चे नही पढ़ते पैसा और समय दोनो बर्बाद करते है ।लेकिन आज हम आपको एक ऐसे युवक के बारे में बताने वाले है जिसने शिक्षा प्राप्त करने के लिए भीख मांगी कूड़ा बीना और अब देश की सेवा करना चाहता है।

आज वह अग्निवीर बन कर देश की सेवा करना चाहता है| आगरा के सदर इलाके में माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास झुग्गी बस्ती में रहने वाला 17 वर्षीय अली, अपने मां-बाप के साथ और अन्य आठ भाई-बहनो के साथ 8 गुना झोपडी में रहता है|

बिना बिजली पूरी की पढ़ाई

आस-पास के सभी बच्चे कूड़ा बीनने का काम करते है और किसी ने भी हाई स्कूल तक अपनी पढाई पूरी नहीं की है| लेकिन अली ने अपने सपनों को जीना सीखा है| बिना बिजली के रात भर भूखा रह कर उसने अपना हाई स्कूल की परीक्षा को 63 प्रतिशत अंको के साथ फर्स्ट डिवीज़न से पास किया| पढाई के साथ ही शेर अली खेल खुद में भी मैडल जीतने वाले अली की इच्छा अब अग्निवीर बन कर देश की सेवा करने की है|

मां ने कहा, भूखे पेट की पढाई

https://twitter.com/manashTOI/status/1538701129818599425

शेर अली के माता-पिता दोनों ही अली के नंबर आने के बाद काफी गर्व महसूस कर रहे है| अली के पिता रांगी अली कहते है “मेरे बेटे ने सभी मुश्किलों से जूझते हुए हाई स्कूल की परीक्षा दी है| अब वह सभी बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है|” वही अली की मां सहबीन बताती है “अली ने कई बार तो भूखे पेट रहकर पढ़िए की हिअ| कितनी रातें तो उसने मोमबत्ती की रौशनी में पढ़ते हुए और जग में भरे पानी से पेट की आग बुझाते हुए काटी है|”

नरेश पारस को दिया सफलता का श्रेय

एक मीडिया संस्थान के साथ बात-चीत करते हुए शेर अली ने बाल अधिकारी के लिए काम करने वाले नरेश पारस को अपनी सफलता का श्रेय किया है| आगे अली कहता है, “परीक्षा के नतीजे ने मेरे अंदर इतना आत्मविश्वास भर दिया है कि मैं अपने लक्ष्य ऊंचे रख सकूं| अब मेरा लक्ष्य अग्निपथ योजना के जरिए आर्मी में जाकर देश की सेवा करने का है|” आपको बता दे की अली के सबसे ज्यादा नंबर अंग्रेजी में मिले है, उन्हें 100 में से 80 नंबर हासिल हुए है|

सबसे ज्यादा नंबर अंग्रेजी में मिले

एक्टिविस्ट पारस संवदाता से बातचीत में कहते है ” अली के अंदर बहुत क्षमता है| पढ़िए करने के साथ ही उसने कई अवार्ड भी जीते है| एथलीट्स, वेटलिफ्टिंग के अलावा अली ने कई सरे इवेंट्स में जिला और प्रदेश स्तर पर मैडल जीते है| उन्होंने बताया कि, मैंने अली को डांस और थिएटर की तरफ भी मौड़ा है| वह ताज महोत्सक जैसे कई आयोजनों में डांस परफॉरमेंस भी करता है| अब वह ट्रेनिंग लेकर अग्निवीर स्कीम से सेना में जाना चाहता है| “

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