99 साल की उम्र के शंकराचार्य ने छोड़ी दुनिया,इस कारण से हुआ निधन

दोस्तो एक दिन सबको इस दुनिया को छोड़ कर जाना है । लेकिन कोई पहले चला जाता है और कोई बाद में । आए दिन कितने ही बच्चे जन्म लेते है और कितने ही लोग इस दुनिया को छोड़ जाते है ।जिनमे कई महान शख्सियत भी शामिल होती है ।जिनके जाने का दुख सभी को होता है ।आपको बता दे अभी ऐसी ही दुखद खबर सामने आई है जिसमे शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी के नि धन खबर बताई गई है इस खबर के सामने आने के बाद हर तरफ शौक का माहौल छाया हुआ ।उनके साथ ये सब कब और कैसे हुआ ।इस की पूरी जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े ।

द्वारका पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का 99 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में निधन हो गया। नरसिंहपुर में स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में अंतिम सांस ली। वह कई दिन से बीमार चर रहे थे। इनका जन्म 2 सितंबर 1924 को हुआ था।

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का निधन, 99 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

आजादी की लड़ाई में भाग लिया था और जेल भी गए थे। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। द्वारका पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता था।शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म जबलपुर के पास दिघोरी गांव में हुआ था।

1982 में गुजरात में द्वारका शारदा पीठ और बद्रीनाथ में ज्योतिर मठ के शंकराचार्य बन गए थे। बचपन का नाम पोथीराम उपाध्याय था। 9 साल की उम्र में घर छोड़ दी थी। धर्म की ओर रुख कर लिया था। उत्तर प्रदेश के काशी में वेद और शास्त्रों की शिक्षा और दीक्षा ली थी।

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