सात गोलियां खाने वाले शख्स का हुआ UPSC में सिलेक्शन, 83 करोड़ के घोटाले का खुलासा करने पर मिली थी सजा

दोस्तो सभी को सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए और अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए माना ये रास्ता कठिन है इस रास्ते में कई मुश्किलें आती है कभी कभी कुछ अच्छा करने के चक्कर में हम बहुत से लोगो को अपने खिलाफ पाते है जिसका बुरा परिणाम भी कभी कभी भुगतना पड़ता है ।आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स के बारे में बताने वाले है जिसके करोड़ो के घोटाले के खुलासा करने पर जान पर बन आई थी सात गोलियां खाने वाले उस शख्स का हुआ UPSC me सिलेक्शन।

सोमवार को ही यूपीएससी (UPSC) का रिजल्ट आया है। इस रिजल्ट के घोषित होने के बाद कई घरों में खुशी की लहर दौड़ गई। इन्हीं घरों में शामिल है हापुड़ (Hapur) के समाज कल्याण अधिकारी (Social Welfare Officer) और हापुड़ में राजकीय आईएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रिंकू सिंह राही (Director Rinku Singh Rahi) का। बता दें रिंकू सिंह राही ने यूपीएससी सिविल सेवा में 683वीं रैंक हासिल की है। दरअसल, मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए 2008 में रिंकू सिंह राही ने 83 करोड़ का घोटाला का खुलासा किया था। जिसके चलते उनको सात गोलियां मारी गई थीं। 

रिंकू सिंह राही के पिता चलाते है आटा चक्की 

आपको बता दें इस हमले में रिंकू सिंह राही (Rinku Singh Rahi) का चेहरा भी विकृत हो गया था। दरअसल, अलीगढ़ (Aligarh) के डोरी नगर के रहने वाले रिंकू सिंह राही के पिता आटा चक्की चलाते हैं। रिंकू के पिता शिवदान सिंह बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, वह कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों को नहीं पढ़ा सकते थे, जिसके चलते रिंकू की पढ़ाई सरकारी स्कूल से ही हुई। रिंकू ने प्राथमिक पढ़ाई बेसिक शिक्षा विभाग (Education Department) के परिषदीय स्कूलों से की। उन्होंने सरकारी इंटर कॉलेज से अपनी इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इतना ही नहीं अच्छे नंबर लाने पर उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली और फिर उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट (Tata Institute) से बीटेक किया, जिसके बाद 2008 में पीसीएस (PCS) में उनका चयन हुआ।

83 करोड़ रुपये के घोटाला का किया था खुलासा 

2008 में रिंकू सिंह राही पीसीएस अधिकारी (PCS Officer) बने। बता दें उन्हें पहली तैनाती मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में बतौर समाज कल्याण अधिकारी मिली थी। फिर 2009 में उन्होंने समाज कल्याण विभाग में 83 करोड़ रुपये के घोटाला का खुलासा कर दिया था। लेकिन इस घोटाले के सामने आने के बाद से ही विभाग के कुछ लोग उनके दुश्मन बन गए थे। जिसके बाद एक दिन उन पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। जिसमें रिंकू राही (Rinku Rahi) को 7 गोलियां लगी थी। पर रिंकू राही की किस्मत अच्छी होने के कारण उनकी जान बच गई, लेकिन उनकी एक आंख उनने गंवानी पड़ी और उनका पूरा चेहरा विकृत हो गया। इसके बाद वे भदोही (Bhadohi) ज़िले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (Social Welfare Officer) बने। भदोही के बाद वह पूरे प्रदेश में घूमते रहे। श्रावस्ती (Sravasti) फिर ललितपुर (Lalitpur) और अंत में हापुड़ (Hapur) में नियुक्ति मिली। 

मिली 683वीं रैंक 

वर्तमान में हापुड़ (Hapur) में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित आईएएस-पीसीएस (IAS-PCS) कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति मिली हुई है। उन्होंने बताया कि उनके छात्र उनसे हर दिन यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा देने के लिए कहते थे। छात्रों की प्रेरणा से ही रिंकू राही ने 2021 में यूपीएससी की परीक्षा दी और देश में 683वीं रैंक मिली।

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