घोड़ी चढ़ने की तैयारी कर रहे थे रजत पाटीधार लेकिन बन गया करोड़पति

दोस्तो सभी अपने भविष्य को लेकर बहुत चिंतित रहते है इसलिए अपने आने वाले कल के लिए योजनाएं बनाते रहते है । लेकिन किसी को क्या पता की उनकी किस्मत में तो कुछ और लिखा है ।आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स के बारे में बताने वाले है जो घोड़ी चढ़ने की तैयारी कर रहा था लेकिन बन गया करोड़पति कौन है वो शख्स जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े ।

सिर्फ 54 गेंदों में 12 चौकों और 7 छक्कों की मदद से नाबाद 112 रन, इंडियन प्रीमियर लीग के एलिमिनेटर मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को अहम जीत दिलाने वाले रजत पाटीदार अपनी धाकड़ पारी से चर्चा में हैं. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर के व्यस्त महारानी रोड बाजार में रजत के पिता मनोहर पाटीदार मोटरपंप का कारोबार करते हैं. उन्होंने गुरुवार को बताया, ‘हमें उम्मीद थी कि रजत आईपीएल के एलिमिनेटर मैच में 50 रन बनाएंगे.

मगर उन्होंने शतक के साथ नाबाद पारी खेलकर सबको बहुत ज्यादा चौंका दिया. बता दें कि आईपीएल मेगा ऑक्शन में वे नहीं बिक सके थे रजत वैकल्पिक खिलाड़ी के तौर पर आरसीबी का हिस्सा बने थे. वहीं बुधवार की रात की पारी ने उनकी तकदीर बदल दी है. मध्य प्रदेश के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज के पिता के अनुसार उनके परिवार का क्रिकेट से जुड़ाव रजत की वजह से था. पाटीदार ने कहा, “‘रजत बचपन से ही क्रिकेट के दीवाने थे’ और खेल के प्रति उनके गहरे जुनून को देखते हुए हमने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया.

उन्होंने बताया कि रजत आठ साल की उम्र में ही इंदौर के एक क्रिकेट क्लब से जुड़ चुके थे. और 10 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी उम्र से बड़े लड़कों के साथ मैच खेलना शुरू कर दिया था. पाटीदार यह भी बताया कि, “स्कूल के घंटों को छोड़कर, घर से क्लब और क्लब से घर तक हर सीजन में रजत की यही दिनचर्या थी. वह बचपन से ही अनुशासन के प्रति आश्वस्त हैं.”

पाटीदार ने बताया कि क्रिकेट की व्यस्तता के चलते रजत सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ पाया था. उन्होंने बताया, “मैंने रजत पाटीदार का एक स्थानीय कॉलेज में दाखिला करा दिया था, मगर रजत की परीक्षाओं के दौरान, वह रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट और अन्य शहरों में अन्य काफी महत्वपूर्ण क्रिकेट टूर्नामेंट के कारण परीक्षा नहीं दे सका था. क्रिकेट में उनका अच्छा प्रदर्शन देखकर मैंने भी उनके कॉलेज की पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया था.”

रजत के पिता ने कहा कि उनके बेटे की क्रिकेट प्रतिभा भगवान की देन है उन्होंने कहा, “हम जिंदगी को बहुत ही साधारण तरीके से जीते हैं. और रजत को हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव से मुक्त रखें. भले ही वह किसी मैच में जल्दी आउट हो जाए, इसलिए मैं उससे कहता हूं कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि उसे अपना अगला मौका जल्द ही मिलेगा.”

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