जन्माष्टमी से ठीक एक दिन पहले कृष्ण मंदिर के पुजारी ने खुद को किया आग के हवाले

दोस्तो जैसा कि सभी को मालूम है जन्माष्टमी के अवसर पर देश भर के कृष्ण मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है । भक्त बड़ी श्रद्धा से पूजा अर्चना,भजन कीर्तन कर रहे है ।भक्त हो या पुजारी सभी पूरी तरह कान्हा की भक्ति में लीन है लेकिन इसके चलते एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके बाद से हड़कंप मच गया है ।खबर के मुताबिक कृष्ण मंदिर के पुजारी की खुद को आग लगाने की खबर है आखिर इतने शुभ अवसर पर पुजारी ने ऐसा कदम क्यों उठाया क्या है पूरा मामला जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े

राजधानी जयपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जयपुर के एक बड़े मंदिर में मंदिर कमेटी और पुजारी के बीच में चल रहे विवाद के कारण जन्माष्टमी से ठीक एक दिन पहले पुजारी ने खुद को आग के हवाले कर दिया।  मंदिर परिसर में ही उसने खुद पर ज्वलनशील डाला और उसके बाद आग लगा ली। चीख-पुकार मचाते पुजारी को लोगों ने जैसे-तैसे अस्पताल में भर्ती कराया है । उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।  बताया जा रहा है कि वह करीब 40 फ़ीसदी तक झुलस चुके हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने मंदिर के ट्रस्ट से जुड़े हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज  पुलिस ने जप्त कर लिया है।  मामला जयपुर शहर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र का है

सुबह मंदिर पहुंचे और लगा ली खुद को आग


मामले की जांच कर रही मुरलीपुरा पुलिस ने बताया कि मुरलीपुरा में प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर है।  इस मंदिर में पूजा पाठ का काम साल 2002 से गिराज शर्मा नाम के पुजारी देख रहे हैं।  आज सवेरे पता चला कि पुजारी गिर्राज शर्मा मंदिर पहुंचे उन्होंने करीब 6:00 बजे खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया और उसके बाद खुद को आग लगा ली

चीख-पुकार करते हुए मंदिर में गिर पड़े
कुछ देर मंदिर में चीख-पुकार मचाने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़े।  लोगों ने जैसे-तैसे आग को काबू किया और उसके बाद पुजारी को अस्पताल पहुंचाया । प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि पुजारी गिर्राज शर्मा और मंदिर समिति के बीच में काफी समय से विवाद चल रहा है । बताया जा रहा है कि समिति के सदस्य  गिरिराज शर्मा को वहां से हटाना चाहते हैं और उनकी जगह कोई दूसरे पंडित को यहां लाकर बसाना चाह रहे हैं।

जबकि पुजारी गिर्राज शर्मा यहां से हटने को तैयार नहीं है। दोनों के बीच में यही विवाद काफी समय से चलता आ रहा है। आज सवेरे जब पुजारी ने खुद को आग के हवाले किया तो उसके बाद पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की।  इसके बाद पुलिस ने मंदिर समिति से जुड़े हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है । पूरे घटनाक्रम के बारे में जांच-पड़ताल की जा रही है

मंदिर में विराजमान है लक्ष्मी नारायण
गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले 2 दिन में ही आग लगने की वारदातों में एक महिला एवं पुरुष की मौत हो चुकी है । उधर स्थानीय लोगों का कहना है कि कल जन्माष्टमी है। मंदिर में लक्ष्मी नारायण के रूप में ही श्री कृष्ण विराजमान है।  हर साल मंदिर में मेले सा माहौल होता है लेकिन इस बार जन्माष्टमी से ठीक 1 दिन पहले इस तरह की घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद लोग परेशान हैं। कल होने वाले आयोजनों पर भी संशय है।

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