सड़को पर भटकने वाले चन्दन राय अब खरीद रहे है खुद का घर, बताया ‘पंचायत’ने बदली उनकी जिंदगी

दोस्तो आजकल दर्शको को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज देखना बहुत पसंद हैं ओटीटी पर बहुत सी ऐसी वेब सीरीज है जिन्हे दर्शको ने बहुत पसंद किया है और उनमें अभिनय करने वाले कलाकारों को इस प्लेटफॉर्म से अच्छी खासी पहचान मिली है आजकल इन दिनों ओटीटी प्लेटफार्म पर पंचायत काफी धूम मचा रही है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई TVF कृत वेबसिरिज पंचायत ने हर किसी के दिल में अपनी पहचान बना ली हैं। गांव की मासूमियत, भोलापन, राजनीति,हास्य,व्यंग, प्रेम का सम्पूर्ण मिश्रण पंचायत में निहित हैं। वेबसिरिज की पटकथा से लेकर स्क्रीनप्ले, कास्टिंग, डायलॉग डिलीवरी,सब कमाल के रहे हैं। आखिरकार आप कह सकते हैं कि टीवीएफ कभी निराश करता। इस वेबसिरिज के हर एक किरदार ने अपनी अलग छाप छोड़ी हैं। आज हम बात करने वाले हैं इसी पॉपुलर वेबसिरिज पंचायत के एक दमदार किरदार विकास उर्फ पंचायत सहायक चंदन राय की।

कैसे की शुरुवात: बिहार के रहने वाले चंदन राय ने दिल्ली स्तिथ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया इसके बाद उन्होंने पूरे 2 साल तक दिल्ली में पत्रकारिता की तथा दैनिक जागरण से जुड़ गए। चंदन बताते हैं कि दिल्ली में रहने के कारण ही उन्हें थियेटर का चस्का लग गया,चंदन इसके बाद थियेटर में रम गए और ऐसे रमे की एक पत्रकार की अच्छी खासी नौकरी छोड़ वो सपनों की नगरी मुम्बई संघर्ष करने चले आये।

मुम्बई आने के दसवें दिन ही उन्हें एक रियलिटी शो से आफर आया और बात 2500 पे जाके डन हुई लेकिन बदले में सिर्फ 215 रुपये मिले। जब उन्होंने टोका तो सामने से जवाब आया कि नही सिर्फ 250 की बात हुई थी इस घटना ने चंदन को झकझोर कर उनके आने वाले कठिन संघर्षों का एहसास करा दिया।
पंचायत से मिली पहचान: चंदन राय को अपनी पहली सफलता वेबसिरिज पंचायत के रूप में मिली जब उन्हें विकास शुक्ला के किरदार में कास्ट किया गया,इस सीरीज में रघुबीर यादव,नीना गुप्ता,tvf स्टार जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू भइया की मौजूदगी और दमदार एक्टिंग स्किल के बाद भी उन्होंने दर्शकों के दिल में अपने लिए जगह बनाई हैं। पंचायत में उनका किरदार और अंदाज़ काफी पसंद किया जा रहा हैं।

पापा आज भी बोलते हैं वापस आ जाओ दरोगा बनवा देंगे:

एक इंटरव्यू में पूछे जाने पर की अब आपकी सफलता पर माँ बाप की क्या प्रतिक्रिया हैं पर मुस्कुराते हुए कहते हैं कि उन्हें ये चीज़े ज्यादा समझ नही आती। पापा आज भी कहते हैं कि छोड़ो ये सब वापस आ जाओ दरोगा-वरोगा में कही लगवा देंगे।प्रशंसा किसी आवर्ड से कम नही: चंदन कहते हैं कि इस सीरीज के दोनों पार्ट लोगो का काफी पसंद आ रहे हैं तमाम जानने वाले मुझे फोन करके बधाई दे रहे हैं। ये एक काफी सुखद एहसास हैं जो किसी अवार्ड मिलने से कम नही।

Leave a comment

Your email address will not be published.