दिवालिया होने की कगार पर पा’किस्तान,अपने खेतो में बन्दुक और बारूद की जगह गेहू और चावल बोये होते तो ये हालात नहीं होते

दोस्तो समय सदा एक सा नही रहता ।हम जो कुछ भी करते है वो एक न एक दिन समय के चक्र के साथ वापिस जरूर लौटता है ।यादि आज आप किसी के बारे में अच्छा सोचते हो जरूरतमंदों की मदद करते हो अपनी अच्छाई से सबका दिल जीत लेते हो तो भला ही आज आपको इसका फल न मिले लेकिन जो जिंदगी में आपको इसका फल कभी न कभी जरूर मिलेगा ।अब आप पा”किस्तान को ही देख लीजिए वो बरसो से भारत को बर्बाद करने के सपने देखता आया है और बहुत बार ये नाकाम कोशिशें भी कर चुका है ।पाकिस्तान भारत को बर्बाद करने में इतना अंधा हो चुका है कि उसे पा”किस्तान के बिगड़ते हालात ,भुखमरी ,बेरोजगारी नजर नही आती । पा”किस्तान ने देश में रोजगार स्थापित करने से ज्यादा भारत को तबाह करने की चाह में आतंकवाद कैंप और बम बनाने की फैक्ट्रीया लगाई जिसके लिए उन्होंने कई देशों से कर्जा तक लिया ।लेकिन वो कर्जा लौटा नही पाया जिसकी वजह से अब पाकिस्तान को देश चलाने के लिए कर्जा तक नहीं मिल रहा और बरसात के कारण आई बाढ़ ने बाकी सब भी तबाह कर दिया ।जिसकी वजह से 3 करोड़ लोगो का जीवन प्रभावित हुआ है ।इस मामले से जुड़ी पूरी खबर जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े

यूरोप, चीन और दुनिया के कई देश जहां अत्यधिक सूखे का सामना कर रहे हैं, तो वहीं पाकिस्तान (Pakistan) में असामान्य रूप से भारी बारिश हो रही है। जिसके चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ आई हुई है। पाकिस्तान ने अपने इतिहास में अबतक ऐसी भयंकर और जानलेवा बाढ़ का सामना नहीं किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 150 में से 110 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार को कहा कि बाढ़ ने अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

पाकिस्तान में 14 जून से जारी भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से स्थिति भयावह हो गई है। और देश के दक्षिण तथा दक्षिण पश्चिम क्षेत्र के मैदानी इलाके जलमग्न हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने रविवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में 119 लोगों की मौत हुई है। एनडीएमए ने कहा, ‘पाकिस्तान में अब तक 1033 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 1527 लोग घायल हुए हैं। प्राधिकरण ने बताया कि बीते दिन सबसे ज्यादा संख्या में मौतें सिंध प्रांत में हुईं हैं। यहां 76 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। देशभर में पिछले 24 घंटों में बाढ़ जनित घटनाओं के कारण 71 लोग घायल भी हुए हैं। सिंध में अब तक 347, बलूचिस्तान में 238, खैबर पख्तूनख्वा में 226, पंजाब में 168, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 38, गिलगित बल्टिस्तान में 15 और इस्लामाबाद में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

इस भयंकर बाढ़ से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र 30 अगस्त को पाकिस्तान को 16 करोड़ डॉलर की सहायता जारी कर सकता है। ब्रिटेन ने भी मदद के लिए 15 लाख पौंड देने का ऐलान किया है। लेकिन आगे क्या ? वैसे भी पाकिस्तान की हालत पहले से ही खराब चल रही है। यहाँ रोजमर्रा की चीजे पहले से ही काफी महंगी है तो बारिस की वजह से हालात जहां ज्यादा ख़राब हो गए है तो अब कौन बचाएगा ये बर्बाद और सरफिरे राष्ट्र को? कि जो खुद बर्बाद होकर भी पहले से भारत की बर्बादी और भारत में रक्तपात के सपने देखता रहता है।

श्रीलंका की देवालिया हालत के बाद पाकिस्तान का नाम भी काफी लम्बे अरसे से चर्चा में था ही कि, पाकिस्तान की स्थिति कभी भी और ख़राब हो सकती है।पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, मार्च 2022 तक पाकिस्तान का कुल कर्ज 4300000 (43 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये) हो चुका था। इसमें सबसे ज्यादा हैरान करने वाला आंकड़ा इमरान खान के कार्यकाल का है। इमरान ने अपने करीब 3 साल के कार्यकाल में पाकिस्तान को 18 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डाल। इसे अगर दूसरे नजरिये से देखें तो उन्होंने पाकिस्तान की जनता पर रोज का 1400 करोड़ रुपये का कर्जा डाला। स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान (एसबीपी) के कार्यकारी गवर्नर मुर्तजा सैयद ने पिछले दिनों एक कार्य़क्रम में बताया कि पाकिस्तान पर इस समय जीडीपी का 70 प्रतिशत कर्ज बाकी है। हालांकि उन्होंने पाक पर कर्ज का स्तर कम बताया। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना घाना, मिस्र व जांबिया से करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि घाना में जीडीपी का 80 प्रतिशत, मिस्र में 90 प्रतिशत, ज़ाम्बिया में 100 प्रतिशत और श्रीलंका में 120 प्रतिशत कर्ज़ ह। इसलिए हम इन देशों जैसे नहीं हैं। मुर्तजा ने बताया कि पाकिस्तान के ऊपर जीडीपी का 40 प्रतिशत बाहर का कर्ज़ है। इसके अलावा बाहरी कर्ज़ यानी छोटी अवधि का कर्ज़ जीडीपी का 7 प्रतिशत है।

खेर इतनी बिगड़ती स्थिति के बावजूद पाकिस्तान के पास आने वाले विदेशी लोन का अब तक सबसे ज्यादा इस्तेमाल सेना, सैन्य साजो सामान खरीदने के साथ आतंकवाद की फसल पैदा करने में हुआ है। अब पाकिस्तान चारों ओर से इस जाल में फंस चुका है और मुसीबत में है। अगर यही हाल रहा तो एक राष्ट्र के तौर पर उसका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। या फिर चीनी कोलिनी बनकर रह जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.