इस नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर आएगी माँ दुर्गा,आर्थिक समृद्धि और ज्ञान का होगा विकास

दोस्तों हिन्दू धर्म में सभी के घरो में भगवान का मंदिर जरुर होता है मंदिर के होने से घर और परिवार में शन्ति बनी रहती है इसलिए जब मनुष्य अपने आराध्य की सच्चे मन से पूजा- पाठ करता है तो उसकी तरक्की जरुर होती है इसीलिए सभी को अपने इष्ट देवता की पूजा जरुर करनी चाहिए इसीप्रकार से शारदीय नवरात्रि की शुरुवात होने वाली है जोकि पूरे नौ दिन चलने वाली है इस नवरात्रि में माता दुर्गा का आगमन किसी न किसी खास सवारी में होता है मातारानी की सवारी को इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है कि इनके अनुसार भविष्य में होने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है। इसीलिए ज्योतिष के अनुसार इस साल मां दुर्गा की सवारी शुभ होने वाली है जिससे भविष्य में सुख व समृद्धि आएगी। यानी मां दुर्गा के आगमन के साथ ही खुशियों की बहार भी आएगी। आइये जानते हैं इस साल शारदीय नवरात्रि पर क्या होगा दुर्गा का वाहन और क्या है इसके संकेत। जानने के लिए बने रहे लेख के अंत तक.

 मां दुर्गा को समर्पित 9 दिवसीय नवरात्रि 26 सितंबर, सोमवार से शुरू हो रहे हैं. बता दें कि हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है. साल में चार बार नवरात्रि मनाए जाते हैं जिनमें दो गुप्त नवरात्रि होते हैं और दो नवरात्रि चैत्र और शारदीय को विशेष महत्व है. शारदीय नवरात्रि का समापन 5 अक्टूबर दसमी तिथि के दिन होगा. बता दें कि ये नौ दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसिलए ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा ये 9 दिन भक्तों के बीच धरती पर आती हैं और उन प्रसन्न होकर उन पर कृपा बरसाती हैं. जो साधक इन दिनों में सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ मां अंबे की उपासना करता है उसके सभी दुख-दर्द और कष्ट मां अंबे अपने साथ ले जाती हैं. ज्योतिष अनुसार इस बार के नवरात्रि को बेहद खास माना जा रहा है. इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. इसे शुभ संकेत माना जाता है. आइए जानें मां दुर्गा की सवारी के बारे में.

हाथी पर सवार होकर आना क्या है संकेत :-

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिनों के हिसाब से मां दुर्गा की सवारी तय की जाती है. इस बार नवरात्रि को बेहद शुभ माना जा रहा है. बता दें कि इस बार नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से हो रही है. मान्यता है कि सोमवार और रविवार के दिन से अगर नवरात्रि की शुरुआत होती है, तो मां हाथी पर सवार होकर आती हैं. इसका अर्थ है कि मां इस बार अपने साथ खूब सारी खुशियां और सुख-समृद्धि ला रही हैं. हाथी को ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि इससे देश में और साधकों के जीवन में आर्थिक समृद्धि आएगी और ज्ञान का विकास होगा.

शारदीय नवरात्रि की तिथि :-

प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 26 सितम्बर 2022
द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी): 27 सितम्बर 2022
तृतीया (मां चंद्रघंटा): 28 सितम्बर 2022
चतुर्थी (मां कुष्मांडा): 29 सितम्बर 2022
पंचमी (मां स्कंदमाता): 30 सितम्बर 2022
षष्ठी (मां कात्यायनी): 01 अक्टूबर 2022
सप्तमी (मां कालरात्रि): 02 अक्टूबर 2022
अष्टमी (मां महागौरी): 03 अक्टूबर 2022
नवमी (मां सिद्धिदात्री): 04 अक्टूबर 2022
दशमी (मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन): 5 अक्टूबर 2022

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