50 साल की उम्र में न्यूज़ीलैंड के इस क्रिकेटर ने कबूला सच बोला, ” मैं Gay हूँ “

दोस्तो प्यार किसी को भी किसी से भी हो सकता है । लेकिन हमारे समाज में प्रेम करना गुनाह माना जाता था ।लेकिन अब बदलते समय के साथ प्यार करके शादी करने की आजादी प्रेमियों को मिल गई है ।लेकिन हर इंसान एक से नही होते कुछ समलैंगिक भी होते है लेकिन समाज में ऐसे को घृणा की नजर से देखा जाता है उनका अपमान किया जाता है जिसकी वजह से बहुत से ऐसे लोग अपनी पहचान छुपाने को मजबूर हो जाते है और खुल के जी नही पाते लेकिन अब ऐसा नहीं है अब ऐसे लोग सबके सामने अपनी पहचान बताते है और अपने रिश्तों को भी कबूल करते है ।आज हम आपको ऐसे ही एक क्रिकेट खिलाड़ी के बारे में बताने वाले है जिसने अपनी समलैंगिक होने का खुलासा करके सबको हैरत में डाल दिया है ।कौन है वो खिलाड़ी जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

2 अगस्त, 2022 को न्यूज़ीलैंड के पूर्व क्रिकेटर हीथ डेविस ने एक ऐसा खुलासा किया जिसने क्रिकेट जगत में भूकंप ला दिया। हमने महिला क्रिकेट में कई खिलाड़ियों को  समान लिंग के लोगों के प्रति आकर्षित होते हुए और यहां तक कि समान-लिंग के व्यक्ति से ही शादी करते हुए भी देखा है लेकिन पुरुषों के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों में इससे पहले ऐसा एक भी उदाहरण देखने को नहीं मिला था।

हालांकि, न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज हीथ डेविस ने हाल ही में ये खुलासा किया है कि वो समलैंगिक (Gay) हैं। उन्होंने ये चौंकाने वाला खुलासा 50 साल की उम्र में आकर किया है और इस खुलासे के साथ ही वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में केवल दूसरे समलैंगिक पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं। डेविस न्यूजीलैंड के पहले पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए हैं। डेविस से पहले इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर स्टीवन डेविस भी साल  2011 में समलैंगिक (Gay) के रूप में सामने आए थे।

इस पूर्व कीवी तेज गेंदबाज ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि ऑकलैंड घरेलू क्रिकेट में हर कोई ये जानता था कि वो समलैंगिक हैं और वहां के लोगों ने इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाया और उसे किसी भी तरह से असहज महसूस कराया।हीथ डेविस ने ऑनलाइन पत्रिका द स्पिनऑफ के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगा कि मेरे जीवन का ये हिस्सा था जिसे मैं छुपा रहा था। उसमें बहुत कुछ था, बस अपनी निजी जिंदगी को अलग रखना चाहता था। मैं अकेला था, मैं इसे दबा रहा था, मैं समलैंगिक जीवन नहीं जी रहा था। मुझे लगा कि मेरे जीवन का ये  हिस्सा था जिसे मुझे व्यक्त करने की ज़रूरत थी, मैं इसे छिपाने की कोशिश कर रहा था।”

उन्होंने आगे बताते हुए कहा, “ऑकलैंड में हर कोई जानता था कि मैं समलैंगिक हूं, लेकिन ये इतना बड़ा मुद्दा नहीं लगता था। मैं बस स्वतंत्र महसूस करता था।” आपको बता दें कि हीथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुपरस्टारडम हासिल नहीं कर सके और 1994 से 1997 के बीच केवल पांच टेस्ट और 11 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच ही खेल सके। इस दौरान उन्होंने क्रमशः 17 और 11 विकेट लिए। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि वो अपना करियर आगे क्यों नहीं बढ़ा सके तो बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की लेकिन चोटों और विसंगतियों ने उनका करियर बर्बाद कर दिया।

 

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