लोगों के घर झूठे बर्तन धोने वाली लड़की मेहनत कर बनी IPS अफसर,युवायो के लिए बनी मिसाल

दोस्तो आपने बहुत से आईपीएस अफसर देखें होंगे जिन्हे देख आप प्रभावित भी हुए होंगे और आप भी उन्ही की तरह बनाने चाहते होंगे तो आपको बता दे आज वो जिस मुकाम पर है वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है इस सफलता के पीछे उनके संघर्ष की कहानी है ।आज हम आपको ऐसी ही आईपीएस इल्मा अफरोज की कहानी बताने वाले है जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

इल्मा अफ़रोज़ जब 14 साल की थी तो उनके सर से पिता का साया उठ गया! ऐसे में घर में कोई कमाने वाला नहीं था! आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई! इल्मा के दो छोटे भाई थे! लोगों ने सलाह दी कि लड़की को पढ़ने से हटा लिया जाए और लड़की की शादी कर दी जाए! मगर इलमा की मां ने उसकी पढ़ाई जारी रखी और दहेज के लिये इकट्ठे किए गए पैसों से इलमा को आगे पढ़ाती रही!

इलमा पढ़ने में काफी तेज थी! उन्होंने सारी पढ़ाई स्कॉलरशिप के जरिए की! इलमा अफरोज की पढ़ाई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तक हुई! इलमा ने यूके में पढ़ाई करने के दौरान अपना खर्चा निकालने के लिए पार्ट टाइम नौकरी की! उन्होंने यूके में घरों के बर्तन धोने तक का काम किया! इसके बाद इल्मा कि न्यूयॉर्क में एक अच्छी नौकरी लग गई! मगर इलमा ने भारत वापस आने का फैसला किया!

इलमा अफरोज ने भारत आकर यूपीएससी की तैयारी की! जिस समय उनका परीक्षा परिणाम आया वह खेतों में काम कर रही थी! इल्मा अफरोज ने 217वीं रैंक हासिल की थी!इल्मा अफरोज ने बताया कि जब वह विदेश से पढ़ाई करके भारत लौटी तो उनके गांव के लोग उनके पास समस्या लेकर आते थे! उन्हें लगता था कि इल्मा के पास हर समस्या का समाधान होगा! मगर ऐसा नहीं था! उन्होंने बताया कि अब वह लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकती है और देश की सेवा कर सकती है!

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