उदयपुर पुलिस की इस गलती के कारण गयी कन्हैय्या की जान

दोस्तो हर इंसान को अपनी मर्जी से जीने का और फैसले लेने का अधिकार है ।कोई भी आपको रोकने के लिए जोर जबरदस्ती या धमका नही सकता कि उसका घर से बाहर निकलना ही मुश्किल हो जाए ।आज हम आपको एक ऐसे ही मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे बेटे की पोस्ट से पिता को मिलने लगी धमकियां कि पुलिस सुरक्षा लेने पड़ी लेकिन जैसे ये सुरक्षा हटी दुर्घटना घटी ।अब इस घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही बताई जा रही हैं।

राजस्थान के उदयपुर से दिल को दहला देने वाली वारदात सामने आई है। इंटरनेट मीडिया में नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर एक शख्स की गला रेत कर हत्या कर दी गई। नुपूर शर्मा के समर्थन में डाली पोस्ट के बाद मिली धमकी के चलते उसे पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। धमकियों के चलते वह दुकान नहीं खोल पा रहा था। छह दिन बाद उसकी पुलिस सुरक्षा हटा ली गई थी और वह बिना सुरक्षा के ही दुकान खोलने पहुंचा था।

नामजद रिपोर्ट लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की

जिस शख्स की हत्या की गई है वो दर्जी का काम करता था। कन्हैयालाल दर्जी के परिजनों का कहना है कि उनके पिता को एक खास समुदाय के बदमाश जान से मारने की धमकी दे रहे थे। जिसकी शिकायत उसने नामजद दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो कन्हैयालाल की हत्या नहीं होती।

शव नहीं उठाया, खेरवाड़ा से एमबीसी की कंपनी बुलवाई

हत्याकांड के विरोध में लोगों ने कन्हैयालाल का शव उठाने नहीं दिया। भारी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे तथा उन्होंने हंगामा भी मचाया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद खेरवाड़ा से मेवाड़ भील कोर की कंपनी को उदयपुर बुलाया गया है।

उदयपुर में विरोध प्रदर्शन और इंटरनेट सेवा हुई बंद

इस हत्या के कारण इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस बल की तैनाती की गई और दुकानों को बंद कर दिया गया। मौजूदा तनाव को देखते हुए अगले 24 घंटों के लिए शहर में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।

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