बाहुबली 3 के इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स,आनंद नीलकंठ को कितना कुछ सहना पड़ा,जानिए

दोस्तों आज हम एक ऐसे राईटर के बारे में बताने जा रहे है जिनको किसी परिचय की जरुरत नही है साउथ के डायरेक्टर एस.एस. राजामौली को सब लोग जानते होगे इनकी सुपरहिट फिल्म सीरीज “बाहुबली” ने दर्शको का खूब आनन्द करवाया था यह भारतीय सिनेमा के सबसे सफल राईटर रहे है इस फिल्म के एक -एक किरदार दर्शकों के मन में बसे हुए है आज हम आप बताना चाहते है कि किसी भी फिल्म की सफलता के पीछे राईटर ही पहला व्यक्ति होता है जिसे एंड से बेस्ट तक सब कुछ देना होता है जिससे फिल्म की सारी क्रिएटिविटी राईटर के हाथ में टिकी होती है इसीलिए  अगर आप सभी लोग इस राईटर से जुडी हुयी फिल्म के बारे में बताना चाहते है जानने के लिए बने रहे लेख के अंत तक.

आनंद नीलकंठ बाहुबली की दुनिया में एंट्री करने के लिए क्या करना पड़ा :-

ये माइथोलॉजी राइटर है महाभारत, असुर और बाहुबली की शिवगामी की बुक भी इन्होंने ही लिखी है आनंद नीलकंठ को बाहुबली पर बनी फिल्मों के डायरेक्टर एस.एस. राजामौली ने हैदराबाद बुलाया था उन्होंने उनकी किताबें असुर और दुर्योधन की महाभारत पढ़ी थी एस.एस. राजामौली का कहना था कि वो पर्दे पर दोनों फिल्मों में महज पांच 6 घंटे की स्टोरी दिखा पाएंगे लेकिन बाहुबली की स्टोरी काफी बड़ी है इसलिए वो चाहते थे कि आनंद नीलकंठ बाहुबली से पहले की कहानी को किताबों में लोगों के सामने लाएं इसके लिए उन्होंने आनंद का टेस्ट लिया.जिसमें अलग-अलग सिचुएशन थी आनंद पहले से भी टीवी पर माइथोलॉजी बेस्ट टीवी शोज़ के लिए लिखते रहे इसीलिए आनंद का लिखा हुआ राजमौली को पसंद आ गया और उसके बाद उन लोगों के बीच ऑफिसियली बाहुबली सीरीज पर बुक लिखने के लिए कॉन्ट्रैक्ट हो गया हालांकि इसके लिए आनंद को सिर्फ 100 दिनों का वक्त मिला, आपको बता दें कि किताब शिवगामी कथा पूरी तरह आनंद की कल्पना पेस्ट है राजामौली ने उन्हें गाइड लाइन के तौर पर सिर्फ उनकी फ़िल्म में मौजूद किरदारों यानी कटप्पा, पिच जलदेव और शिवगामी आदि को लेकर कुछ कंडीशन्स दी थी कि वो ऐसे कर सकते हैं और ऐसे नहीं.

इसके अलावा किताब के सारे कैरेक्टर्स कंडीशन सब कुछ आनंद की इमैजिनेशन पर बेस्ट होने वाली है और उसके लिए राजामौली ने उन्हें पूरी आजादी दी हुई है आनंद ने पहले भी माईथोलॉजिकल कैरेक्टर्स पर लिखा हुआ है इसीलिए इन्हें इस बुक के लिए नए कैरक्टर प्लैन करने में कुछ प्रॉब्लम नहीं आई, आनंद कहते है कि मैं रोजाना सुबह 4:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक किताब लिखता हूँ इस दौरान काफी शांति होती है इस वजह से मुझे फोकस बनाने में मदद मिलती है.

हालांकि मुझे लिखने के लिए कोई खास एफर्ट नहीं करनी पड़ती है और यही कारण है कि मैं कहीं पर भी बैठकर लिख सकता हूँ मैं घर पर रहकर बुक्स लिखता हूँ इसके अलावा मेरा वायनाड में भी एक छोटा रिसोर्ट है कभी-कभी मैं वहाँ पर चला जाता हूँ दरअसल मेरी सबसे बड़ी खासियत ये है कि मैं एक बार में कई प्रोजेक्ट्स के लिए काम करता हूँ इसीलिए अगर किसी एक प्रोजेक्ट के लिए थॉट्स नहीं आते तो मैं दूसरे पर काम करना शुरू कर देता हूँ.

तो बाहुबली 2 और बाहुबली 3 की पूरी कहानी की बुक जल्दी ही पढ़ने को हमें मिल सकती है आनंद की लिखी किताब की इमैजिनेशन पर ही बाहुबली 3 का कुछ हिस्सा शूट होगा लेकिन राइटर में नाम राजामौली और आनंद दोनों का आएगा क्योंकि आइडियाज तो राजामौली के ही थे और इमैजिनेशन आनंद की थी तो दोनों ने बराबर का काम किया है आपको बाहुबली 3 का कितना इंतजार है हमें कमेंट करके जरूर बतायेगा और भी ऐसी नई अपडेट के लिए हमसे जुड़े रहिये.

Leave a Reply

Your email address will not be published.