महिला दरोगा के काम से इस कदर प्रभावित हुए सिपाही,कि दिल देने के बाद रचाई शादी

दोस्तो आपने कितनी ही लव स्टोरी सुनी होगी जिसमे किसी का अंत बहुत प्यारा और खुशनुमा होगा और किसी का बहुत ही दुखभरा और दर्दनाक ।कई प्रेम कहानियां तो ऐसी होती है जो पुलिस थाने तक पहुंच जाती है और ऐसे मामलो को थाने में सुझाया जाता है लेकिन आज हम आपको ऐसी प्रेम कहानी के बारे में बताएं तो वाले है जो पुलिस थाने में शुरू हुई और जिसका बेहद ही खूबसूरत परिणाम निकला।इस प्रेम कहानी के चारो ओर खूब चर्चे हो रहे है ।जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

 उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में तैनात सिपाही नरेंद्र सिंह महिला दरोगा रजनी सिंह के काम से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्हें अपना दिल दे बैठे। सिपाही ने महिला दरोगा के सामने शादी का प्रस्ताव भी रख दिया। महिला दरोगा भी सिपाही के काम से प्रभावित थीं। उन्होंने भी इस शादी के लिए हां कर दी। इसके बाद परिवार की रजामंदी के बाद दोनों की धूमधाम से शादी करवा दी गई। दोनों ने सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। आइए जानते हैं कैसी है महिला दरोगा और सिपाही की लव स्टोरी।

चर्चा का विषय बनी महिला दरोगा और सिपाही की शादी


महिला दरोगा रजनी सिंह हाथरस जिले की रहने वाली हैं। वहीं, सिपाही नरेंद्र सिंह अलीगढ़ के रहने वाले हैं। रजनी सिंह इटावा जिले में महिला थाना प्रभारी के रूप में तैनात हैं। जबकि सिपाही नरेंद्र सिंह इटावा के सिविल लाइन थाने में तैनात हैं। सिपाही नरेंद्र सिंह ने शादी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के परिवारों की रजामंदी के बाद शादी हुई है। बीते छह जून को दोनों की शादी अलीगढ़ के एक गेस्ट हाउस में हुई। इस शादी में परिवार के कुछ चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया गया था। महिला दरोगा और सिपाही की शादी ना सिर्फ चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि दोनों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

तेजतर्रार महिला दरोगा में होती है रजनी सिंह की गिनती

रजनी सिंह की गिनती जिले की तेजतर्रार महिला दरोगा में होती है। रजनी सिंह जसवंतनगर पुलिस थाने के अलावा सिविल लाइन इलाके में जेल चौकी प्रभारी के रूप में भी तैनात रही हैं। फिलहाल, काफी समय से इटावा की महिला थाना प्रभारी के रूप में उनकी तैनाती है। महिला थाना प्रभारी के रूप मे रजनी सिंह महिला उत्पीड़न के मामलों में सुनवाई बड़ी ही जिम्मेदारी से करती हैं।

दोनों एक-दूसरे के काम से थे प्रभावित

नरेंद्र सिंह साल 2015 से सिविल लाइन थाने में तैनात हैं। वहीं, रजनी सिंह की तैनाती साल 2018 में यहां हुई थी। दोनों एक दूसरे के काम से काफी प्रभावित थे। दरअसल, सिपाही नरेंद्र सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह बड़े-बड़े क्रिमिनल केस को आसानी से सॉल्व कर लेते हैं। इसी वजह से नरेंद्र सिंह अपने अधिकारियों के बीच चर्चा में रहते हैं। महिला दरोगा रजनी सिंह ने कहा कि एक फील्ड में काम करने की वजह से वह शादी के लिए राजी हुईं। वहीं, नरेंद्र सिंह ने बताया कि रजनी एक तेजतर्रार अफसर हैं। उनके काम करने से प्रभावित होकर उनके परिजनों ने शादी की बात चलाई थी। 6 जून दोनों ने अलीगढ़ के एक मैरिज होम में परिवार के चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में शादी रचाई।

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