गांव में हेलीपैड बना कर दरोगा के बेटे ने खरीदा हेलीकॉप्टर,जब उतारा विमान तो देखने सारा गाँव हुआ इकठ्ठा

दोस्तों सपने देखना सभी को अच्छा लगता है . अपने जीवन को लेकर बहुत से लोग सपने देखते है किसी के सपने पुरे हो जाते है तो किसी के अधूरे रह जाते है .ऐसे जिनके सपने अधूरे रह जाते है वो किस्मत को दोष देने लगते है . तो हम आपको बता दे किस्मत को दोष देने से कोई फायदा नही सपने सबके सच होते है बस एक बार ठान लो कि अपने सपने को सच होते देखना है फिर देखना .ऐसा ही एक सपना उत्तरप्रदेश का बाराबंकी जिले के एक युवक ने देखा था .जिस क्षेत्र को एक समय में पिछड़ा हुआ माना जाता था .जंहा कभी साईकिल भी देखने को नही मिलती थी . अब वंहा हेलीकाप्टर उड़ेगा दरअसल एक दरोगा का बेटा जो कई सालो से खुदका हेलीकाप्टर खरीदने का सपना देख रहा था .आज उसने अपने इस सपने को पूरा कर लिया है जिसके बाद उसके और उसके परिवार की ख़ुशी का कोई ठिकाना नही है . उसकी सक्सेस स्टोरी जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़े .

दरअसल मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में मूल रूप से बस्ती जिले के हरैया के निवासी चंदन सिंह वर्तमान समय में चिनहट में रहते हैं और जिले में भी रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं। उनके पिता शत्रोहन सिंह लखनऊ में पुलिस विभाग में दारोगा हैं। वहां उनकी न्यायालय में ड्यूटी लगी है। चंदन का कहना है कि उनका सपना था कि उनके पास भी कभी अपना हेलीकाप्टर हो। दो दिन पहले उन्होंने समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर इसकी खरीदारी की है।और वह अपने इस सपने को पूरा कर के बेहद खुश है।

हेलीकाप्टर को असेनी के पास अपने रियल एस्टेट की जमीन पर बनाए गए हेलीपैड पर उतारा। फोटो इंटरनेट मीडिया पर शेयर होने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। वह इसे मीडिया की सुर्खियां बनने से रोकना चाहते हैं। चंदन का कहना है कि हेलीकाप्टर को वह बिजनेस के सिलसिले से लाए हैं। उन्होंने समस्त प्रक्रिया पूरी की है। दूसरी ओर अभी इसे लीज पर लेने की बात कह रहे हैं।जैसे ही चन्दन के पिता को इसकी जानकारी मिली वह बेहद खुश हो गए है।

जैसे ही गांव वालो को इसकी जानकारी मिली वह  हेलीकाप्टर देखने के लिए जमा हो रहे है क्यूंकि इससे पहले शहरः में ऐसा कुछ नहीं हुआ, शहर के मुहल्ला सत्यप्रेमीनगर निवासी डा. बृजेश सिंह कहते हैं कि जिले के युवक ने हेलीकाप्टर खरीदा, यह खुशी की बात है। शत्रोहन सिंह कहते हैं कि मंगलवार सुबह पायलट के आने पर उन्होंने पुत्र के हेलीकाप्टर में बैठकर उड़ान भरी थी।और वह पुत्र की कामयाबी से बेहद खुश है।

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