नशे और सट्टे की दुनिया की लेडी डॉन हसीना को मिली 10 साल की सजा

दोस्तो आपने बड़े बड़े काले धंधे करने वाले बहुत से गुण्डो के नाम सुने होंगे ।जिनके नाम से ही सब कां”पने लगते है । जिनके खौ”फ के साए में दो नंबर के काम आसानी से होते है और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता।आज हम आपको सट्टा क्वीन के नाम से जानी जाने वाली एक महिला के बारे में बताने वाले है ।आपको बता दे सट्टा क्वीन को लेकर खबर सामने आई जिसमे अदालत ने उनको जुर्माने के साथ सालो कैद की सजा सुनाई है । आखिर कौन है ये सट्टा क्वीन जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

हसीना को मुरादाबाद कोर्ट ने 10 साल कैद और दो लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद हसीना को जिला जेल भेज दिया गया है। अब आपके मन में यह सवाल खड़ा हो गया होगा कि यह हसीना कौन है और उसे क्यों सजा सुनाई गई है। तो आपको बता दें कि हसीना वेस्ट यूपी में नशे और सट्टे की दुनिया में लेडी डॉन के नाम से मशहूर है। उसपर हत्या, जुआ और नशे के करीब 26 मामले दर्ज है।

हसीना उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के जयंतीपुर इलाके में रहने वाली है और साल 2000 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2000 से पहले हसीना छोटा-मोटा सट्‌टा चलाती थी। धीरे-धीरे हसीना ने सट्टे के साथ ही चरस की तस्करी भी शुरू कर दी थी। 2004 आते-आते हसीना ने शहर में सट्‌टे और नशे के धंधे के साथ अपराध की दुनिया में अपनी बादशाहत जमा ली। धंधा बढ़ा तो हसीना ने अपने छोटे भाई बिट्टू को भी इस धंधे में उतार लिया।तंग गली और कच्चे व छोटे से मकान में रहने वाली हसीना आलीशान कोठी में रहने लगी। इस दौरान सट्टे और नशे के साम्राज्य को हसीना ने अपने भाई बिट्टू के साथ मिलकर फैलाने लगी। साल 2008 के आते-आते बिट्‌टू सट्‌टा किंग के नाम से मशहूर हो गया। हालांकि, साल 2015 में बिट्‌टू के मर्डर के बाद हसीना कमजोर होती चली गई। सट्‌टे और नशे के उसके सिंडिकेट पर उसके प्रतिद्वंदियों ने अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया था।

हसीना का जिंदगी में एक समय ऐसा भी था कि जब उसके और उसके भाई बिट्टू के इशारों पर शहर के कई थाने और पुलिस चौकियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती होती थी। दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, पुलिस वाले अच्छी चौकी पाने के लिए अफसरों के बजाए हसीना की कोठी पर चक्कर लगाते थे।​​​​​​ लेकिन भाई की मौत के बाद हसीना के सितारे गर्दिश में पहुंच गए। उसके बाद से वो कभी उबर नहीं सकी।हसीना पर हत्या, जुआ, मादक पदार्थों की तस्करी समेत 26 मुकदमे दर्ज हैं। मझोला थाने में उस पर दो बार गैंगस्टर एक्ट लगाया जा चुका है। हसीना 2006 में हत्या के एक मामले में भी जेल जा चुकी है। करीब 3 साल पहले हसीना चरस की तस्करी करते वक्त पकड़ी गई थी, इस मामले में कोर्ट ने हसीना पर 2 लाख रुपए का जुर्माने और 10 साल की सजा सुनाई है।

हसीना को पुलिस और ड्रग्स विभाग की टीम ने 9 अगस्त, 2019 को गिरफ्तार किया था। उसके पास से नशे के 69 प्रतिबंधित इंजेक्शन, 480 कैप्सूल और डेढ़ किलो चरस बरामद हुई थी। पुलिस और औषधि विभाग ने हसीना के खिलाफ 2 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई थीं। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 9 ज्ञानेंद्र सिंह यादव की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट वैभव अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद हसीना को दोषी माना। उसे दोनों मामलों (चरस और नशे के इंजेक्शन) में 10-10 साल कैद और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि को भी सजा में शामिल किया जाएगा।

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