शादी के कार्ड पर दुल्हे ने दिया अनोखा सन्देश,पढने वाले कर रहे दुल्हे की प्रशंसा

दोस्तो आजकल शादियों को लेकर लोग नए नए आइडियाज लेकर आते है ।शादी को खास बनाने के लिए शादी के पहले से ही तैयारिया शुरू हो जाती है जैसे प्री वेडिंग शूट , स्पैशल डांस परफॉर्मेंस,स्पैशल एंट्री लेकिन इन सबके साथ निमंत्रण कार्ड भी बहुत अहम होता है ।आजकल लोग खास तरह के निमंत्रण कार्ड बनवाने लगे है उनमें खास संदेश देने लगे।जो उन्हे सबसे अलग दिखाते है ।आज हम आपको एक ऐसे मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे एक निमंत्रण कार्ड में दूल्हे ने दिया खास संदेश जिसे पढ़ सब है रा न रह गए ।अब ऐसा भी क्या था उस निमंत्रण कार्ड में जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

दूल्हे ने अपने शादी के कार्ड पर छपवाई ऐसी चीज, पढ़कर दंग रह गए आने वाले मेहमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन खत्म होने के एक महीने से अधिक समय के बाद, हरियाणा के एक व्यक्ति ने अपनी शादी से दो सप्ताह पहले 1500 विवाह कार्ड प्रिंट करवाया. जिसमें उसने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध का एक अनूठा तरीका चुना. उसने फसल उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने वाले कानून की मांग की.

9 फरवरी को शादी के लिए छपवाए 1500 कार्ड

हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वाले प्रदीप कालीरामना 9 फरवरी को शादी कर रहे हैं. उन्होंने 1,500 शादी के कार्ड छपवाए हैं. अपनी शादी के कार्ड के ऊपर ‘जंग अभी जारी है, एमएसपी की बारी है’ लिखा. इसके अलावा, शादी के कार्ड पर एक ‘ट्रैक्टर’ और ‘नो फार्मर्स, नो फूड’ को दर्शाने वाला एक साइनबोर्ड भी प्रदर्शित किया गया है.

शादी के कार्ड के जरिए दिया ऐसा मैसेज

प्रदीप ने कहा, ‘मैं अपनी शादी के कार्ड के माध्यम से यह संदेश देना चाहता हूं कि किसानों के विरोध की जीत अभी पूरी नहीं हुई है. किसानों की जीत तभी घोषित की जाएगी जब केंद्र सरकार गारंटी देने वाले एमएसपी अधिनियम के तहत एक कानून किसानों को लिखित में देगी. एमएसपी पर कानून के बिना, किसानों के पास कुछ भी नहीं है और किसानों की शहादत और उनके बलिदान भी तभी पूरे होंगे जब एमएसपी पर कानूनी गारंटी होगी.’उन्होंने कहा, ‘किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान, मैं दिल्ली की सीमाओं पर गया और विभिन्न विरोध स्थलों पर बैठे अन्य सभी किसानों को भी अपना समर्थन दिया. यही कारण है कि मैंने एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग करते हुए 1500 शादी के कार्ड छपवाए.’

किसान का आंदोलन 13 महीने तक दिल्ली की सीमाओं पर चला

दरअसल कृषि कानून 5 जून, 2020 को केंद्र सरकार ने तीन कृषि विधेयकों को संसद के पटल पर रखा और 20 सितंबर को लोकसभा के बाद इसे राज्यसभा में पारित किया गया था. वहीं कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन 13 महीने तक दिल्ली की सीमाओं पर चला, आखिर में सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिया था, इसके बाद किसानों की अन्य मांगों पर किसानों और सरकार के साथ समझौता भी हुआ.

 

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