महिला सांसद ने तोड़ी चुप्पी,बोली 22 साल की उम्र में हुया रेप, पब्लिक टॉयलेट में छिपकर किया प्रेग्नेंसी टेस्ट तो….

दोस्तो ये सत्य है कि गर्भपात करना अपराध है ।लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती है कि गर्भपात करवाना पड़ता है और इसमें सबसे अहम फ़ैसला महिला का होता है कि उसे बच्चा चाहिए या नहीं। लेकिन यदि महिलाओं से उनका ये अधिकार छीन कर कोई ऐसा कानून लागू कर उन पर थोप दिया जाए जो इच्छाओं के विरुद्ध हो तो सड़को पर विरोध प्रदर्शन तो होगा ही ।

जैसे की आप जानते है की अब हाल ही मे अमेरिका में 50 साल पुराने गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को समाप्त करने का बहुत विरोध हो रहा है. हालांकि रिपब्लिकन नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना कर रहे हैं, वहीं राष्ट्रपति जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी गर्भपात के अधिकार को समाप्त किए जाने के विरोध कर रही है. डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि और कार्यकर्ता अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने भी कोर्ट के इस फैसले के विरोध में एक गर्भपात अधिकार रैली को संबोधित किया और सुप्रीम कोर्ट के फेसले का विरोध किया. और साथ ही उन्होंने अपने साथ हुए रेप का भी खुलासा किया और कहा कि वो आभारी हैं कि उन्हें उस समय रेप के बाद गर्भपात को चुनने का अधिकार था. उन्होंन रैली के द्वारा वहा की महिलाओं से बात करते हुए कहा कि जब उन्हें गर्भपात करने की जरूरत थी, तब उन्हें इसकी आजादी मिली हुई थी.

अलेक्जेंड्रिया ने अपनी ये आपबीती सुनाई

न्यूयॉर्क के सिटी यूनियन स्क्वायर पार्क में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘जब मेरी उम्र लगभग 22 या 23 साल की थी, तब मेरे साथ रेप किया गया था. और मैं उन दिनों न्यूयॉर्क शहर में रह रही थी. मैं पूरी तरह से अकेली थी, और खुद को बहुत अलग थलग महसूस कर रही थी. उस समय मैने खुद को इतना अकेला महसूस किया कि मैनहट्टन के मिडटाउन में एक पब्लिक बाथरूम में जाकर अपनी प्रेग्नेंसी टेस्ट किया.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैं वहां बाथरूम में बैठी थी कि प्रेग्नेंसी टेस्ट का क्या नतीजा आने वाला है तो उस वक्त मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि भगवान का शुक्र है, मुझे अपना भाग्य चुनने की आजादी मिली.’मेरे पास सिर्फ एक विकल्प था जो काफी था.

सभी के लिए एक बहुत गंभीर मामला है

अलेक्जेंड्रिया ने आगे कहा कि ये सिर्फ महिला अधिकारों का मामला नहीं है बल्कि ये सभी के लिए एक बहुत गंभीर मामला है. साथ ही आगे उन्होंने महिलाओं से विनती की कि वो अपने इस अधिकार की लड़ाई के लिए उनके साथ आए. अलेक्जेंड्रिया ने अपनी ये आपबीती उसी दिन बताई जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल पुराने गर्भपात के ऐतिहासिक फैसले को पलट दिया. सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों ने गर्भपात को अवैध बनाने के पक्ष में अपना फैसला दिया तो वहीं चारों जजों ने इसका विरोध भी किया था.

22 राज्यों में गर्भपात पूर्ण रूप से अवैध

वही आपको बता दे की कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद अब सभी अमेरिकी राज्यों को ये आजादी है कि वो अपने राज्य में इस कानून को लागू करेंगे या नहीं करेगे. वही अमेरिका के 22 राज्यों में पूर्ण रूप से गर्भपात को अवैध घोषित कर दिया गया है और उम्मीद है बाकी राज्यों में भी इसे अवैध घोषित कर दिया जाएगा.

जो बाइडेन भी फैसले के विरोध मे है

वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ने गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को समाप्त करने कड़ी आलोचना की है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी फैसले के विरोध मे है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जहां विरोधी रिपब्लिकन पार्टी में खुशी की का माहौल बना हुआ है, साथ ही अमेरिका के न्याय विभाग ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि कोर्ट का ये फैसला जन्म देने या नहीं देने की आजादी पर एक बहुत बड़ा प्रहार है. वही महिलाएं इस फैसले के खिलाफ पूरे अमेरिका मे विरोध कर रही हैं.

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