पुलिस प्रमुख के घर के पास फर्जी थाना खोलकर लाखो रूपये ठगता था गैंग, 8 महीने बाद खुली शातिर गिरोह कि पोल

दोस्तों इन दिनों जालसाजी का मामला अलग-अलग प्रकार से देखने को मिल रहे है जिसमे से बहुत से लोग दुसरे लोगो को सरकारी नौकरी दिलाने के चक्कर में लाखो रुपये ऐठ लेते है और लोग नौकरी के चक्कर में रुपये दे भी देते है इन दिनों कुछ ऐसा ही मामला सुनने को आया है जिसको सुनकर आप सभी लोग काफी ज्यादा सोच में पड़ जायेगे, कि ठगों ने लोगो को नही बल्कि एक पुलिस वाले को बेवकूफ बनाकर उनसे लाखो रुपये कमा लिए और उस ठग ने एक-दो महीने तक रूपया नही लुटा बल्कि आठ-आठ महीने तक रूपये लुटे ऐसा सुनने में आ रहा है उन ठगों ने एक थाना खोल रखा था और यह थाना प्रमुख के आवास से काफी दूर भी नही था ऐसा सुनने को मिला है तो क्या है सच जानने के लिए पोस्ट के अंत तक बने रहे.

इस तरह कर रहे थे फर्जीवाड़ा :-

रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की राजधानी पटना में पुलिस प्रमुख के आवास से 500 मीटर की दूरी पर बदमाशों ने एक बिल्डिंग किराये पर ली और इसमें नकली थाना खोल दिया. लोगों को शक न हो इसके लिए गिरोह के सदस्यों ने रैंक बैज वाली वर्दी के साथ-साथ बंदूकें भी अपने साथ रखीं. यहां फर्जी डीएसपी ऑफिसर भी बैठता था. गिरोह के सदस्य वर्दी में गश्त करने भी निकलते थे. इस दौरान कुछ अवैध काम मिलने पर उगाही की जाती थी. अगर कोई फरियाद लेकर थाने में आता तो उनसे भी पैसे वसूले जाते थे. इसके अलावा पुलिस में नौकरी व दूसरे काम कराने के नाम पर भी रुपये ऐंठे जाते थे.

नकली पुलिसकर्मी बनने के लिए मिलते थे 500 रुपये :-

गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि गैंग का सरगना स्थानीय लोगों को नकली पुलिस स्टेशन पर नकली पुलिसकर्मी बनाकर काम कराता था. नकली पुलिसकर्मी बनने के लिए रोज के करीब 500 रुपये मिलते थे. रैंक के हिसाब से पैसा बढ़ता भी था.

इस तरह पकड़ में आए :-

इस शातिर गिरोह का खेल 8 महीने बाद तब खराब हो गया जब एक वास्तविक पुलिस अधिकारी ने गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस की वर्दी में तो देखा, लेकिन उनके पास जो बंदूकें थीं वह गैर-सेवा वाली थीं. यानी ऐसी बंदूकें पुलिस के पास नहीं होतीं. यहीं से पुलिस की नजर इस गिरोह पर पड़ी और जांच के बाद पुलिस ने छापा मारकर सभी को पकड़ लिया. पुलिस ने छापेमारी करके गिरोह की दो महिलाओं सहित गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया. इनके अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

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