पत्नी का जिस डाक्टर से चल रहा था इलाज़, पति ने उसी के साथ पत्नी को सम्बन्ध बनाते हुए पकड़ा

दोस्तो एक दूसरे को समझने के लिए हर रिश्ते को समय देना बहुत जरूरी है ।क्योंकि खाना ,कपड़े और अन्य सभी जरूरते पूरी करना ही काफी नहीं होता कभी कभी हम समझ नही पाते सामने वाला किस हालात से गुजर रहा है जिस समय उसे जिसकी जरूरत हो और वो साथ न हो तो वो इंसान उसे हमेशा के लिए खो देता है । ऐसे में किसको दोषी ठहराया जाए ।आज हम आपको ऐसे ही एक मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे अपनी पत्नी की बेवफाई से परेशान पति ढूंढ रहा है अपनी समस्या का हल ।क्या है पूरा मामला जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

सवाल: मैं एक विवाहित आदमी हूं। मेरी शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ है। लेकिन कुछ दिनों से मैं एक बहुत ही अजीब समस्या से झूज रहा हूं। दरअसल, मेरी पत्नी को डिप्रेशन की परेशानी है। वह अपना इलाज कराने के लिए एक काउंसलर के पास भी जाती है। हालांकि, मुझे इसमें कोई परेशानी नहीं है। मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि मेरा मानना है कि अगर मैं उसकी जगह होता, तो वह भी मेरे लिए ऐसा ही करती। लेकिन अब उसका साथ देना मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा है।

ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में मैंने उसे उसी काउंसलर के साथ संबंध बनाते हुए पकड़ लिया। वह दोनों एक-दूसरे को गंदे-गंदे मैसेज भी भेजते हैं। जब इस सब के बारे में मैंने उससे बात की, तो वह बिल्कुल अलग व्यक्ति के रूप में मेरे सामने आई। इस दौरान वह इतनी ज्यादा साहसी लग रही थी कि उसका यह रूप मैंने पहले कभी नहीं देखा था। उसकी इस हरकत ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया। मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि डिप्रेशन की आड़ में वह मुझे धोखा दे रही है।मैंने उससे पूछना भी चाहा लेकिन वह इस बारे में कुछ भी नहीं बताती। वह बस इतना कहती है कि उसने जो कुछ भी किया, उसका उसे खेद है। मुझे नहीं पता मुझे क्या करना चाहिए? लेकिन मैं रोज यह सब सोच-सोचकर मर रहा हूं

एक्सपर्ट का जवाब

फाउंडेशन होप के निर्देशक और वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ दीपक रहेजा कहते हैं कि मैं समझ सकता हूं कि इस स्थिति में आप कितना निराश और ठगा हुआ महसूस कर रहे होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस व्यक्ति को धोखा मिलता है, वह लाचारी-खालीपन और अवसाद से झूजता है।लेकिन इसके बाद भी मैं आपसे यही कहूंगा कि आपको एक बार अपनी पत्नी से बात करनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे लगता है कि आपकी पत्नी जिस दौर से गुजर रही है, उसमें उन्होंने अपने अड़ियल व्यवहार से उस खालीपन को पूरा करने की कोशिश की होगी, जो इन दिनों वह सह रही हैं।

दर्द को कम करने के लिए लोग करते हैं ऐसा

जैसा कि आपने बताया कि आपकी पत्नी पिछले कुछ सालों से डिप्रेशन की समस्या से झूज रही हैं। ऐसे में मैं आपसे यही कहूंगा कि आपको उनके प्रति निर्णयात्मक रवैये को नहीं अपनाना चाहिए। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण क्योंकि कभी-कभार अवसाद के रोगी अपने दर्द को कम के लिए दूसरे के करीब आते हैं।ऐसा इसलिए क्योंकि विवाहेतर संबंध, वन-नाइट स्टैंड और साथी से मिला धोखा जैसी दर्दनाक वास्तविकता को स्वीकार करना यह उनके लिए थोड़ा आसान बना देता है। हां, अगर वह इस तरह की भावना में लंबे समय तक लिप्त रहते हैं, तो आपकी शादी के लिए खतरे की बात हो सकती है

अपनी पत्नी का साथ देना पड़ेगा

आपकी सभी बातो  को सुनने के बाद मैं केवल आपसे इतना कहना चाहता हूं कि आपको अपनी पत्नी का साथ देना पड़ेगा। उनके प्रति अपने लगाव और प्यार को कम न होने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आपने उनका साथ छोड़ दिया, तो कभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाएंगी।उनका सामना करने से बेहतर है कि आप उनकी मदद करें। उन्हें इस बात का एहसास कराएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। उनमें कमी निकालना या उन्हें दोष देने से कुछ नहीं होने वाला है, इससे केवल आपकी शादी टूट सकती है। ऐसे में जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा उनके साथ समय बिताएं।

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