ये आदिवासी महिला होगी BJP की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार, इस कारण से मिला मौका

संसदीय दल की की बैठक के तुरंत बाद भाजपा ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. भारतीय जनता पार्टी की इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे जिनके सामने उम्मीदवार को लेकर चर्चा की गई वहीं, बैठक के बाद बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ऐलान करते हुए कहा, हमने NDA की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मदीवार घोषित किया है.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। जेपी नड्डा ने किया ऐलान। 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू 2000 झारखंड के गठन के बाद से पहली ऐसी राज्यपाल थीं, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था। उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित बैदापोसी गाँव में हुआ था। वो संथाल जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। उनके पति का नाम श्याम चरण मुर्मू है

उनके व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो द्रौपदी मुर्मू के दो बेटे और एक बेटी हैं। उनका पिता का नाम बिरंचि नारायण टुडू था। उनका जीवन त्रासदियों और संघर्षों से भरा हुआ है। उनके पति का निधन हो चुका है। उनके दोनों बेटे भी चल बसे। 2000 के दशक की शुरुआत में जब ओडिशा में बीजद-भाजपा ने मिल कर सरकार बनाई थी, तब उन्हें राज्य में कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय मिला था। फिर उन्होंने मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग को सँभाला

वो ओडिशा की पहली महिला और आदिवासी नेता हैं, जिन्हें राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया। वो 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर ओडिशा के मयूरभंज स्थित रायरंगपुर से विधायक चुनी जा चुकी हैं। वो 1997 में वहाँ के नगर पंचायत की काउंसिलर भी रह चुकी हैं। भाजपा ने उन्हें अपने जनजातीय मोर्चे का अध्यक्ष बनाया था। 2015 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल लगभग निर्विवाद रहा

भाजपा ने संसदीय दल की बैठक में चर्चा के बाद और उससे पहले NDA के सभी घटक दलों से बात कर के उनके नाम पर मुहर लगाई

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