धर्मेद्र से कम नही है उनके भाई वीरेंद्र का जलवा,तस्वीरों में लगते है धर्मेंद्र की कार्बन कॉपी

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरूआत 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से की थी . उसके बाद अपने अभिनय से धर्मेन्द्र ने लाखो -करोड़ो फैन बना लिए .कितनी ही हसिनाये उन पर जान छिडकती थी .धर्मेन्द्र ने कई दशको तक अपने फेंस के दिलो पर राज किया और आज भी कर रहे है . लेकिन आज हम धर्मेन्द्र के बारे में नही बल्कि उनके भाई के बारे में बात करने वाले है . जो धर्मेन्द्र की तरह ही हैण्डसम और फेमस अभिनेता थे .

धर्मेंद्र के भाई वीरेंद्र देओल  पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता थे  और  वीरेंद्र ने अपने करियर में  कई सुपर डुपर हिट फिल्मों में काम किया था और इंडस्ट्री में काफी ज्यादा  पापुलैरिटी भी हासिल की थी  परंतु  एक साजिश के तहत उनकी जान ले ली गई थी और वो  महज 40 साल की उम्र में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए थे|

वीरेंद्र देओल एक  बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ एक सफल फिल्म निर्देशक भी थे और 80 के दशक में वीरेंद्र ने लगभग 25 से भी ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया था और उनके करियर के पीक पर ही उनके साथ ऎसी घटना घट गयी जिसक वजह से वीरेंद्र  हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए थे  दरअसल शूटिंग सेट पर ही किसी ने  छिपकर   वीरेंद्र देवल पर गोली चला दी थी और मौके पर ही वीरेंद्र देओल की जान चली गई | बता दे वीरेंद्र अपनी जिंदगी में बहुत कुछ हासिल करना चाहते थे और उन्होंने कई सपने भी संजोये थे पर  बदकिस्मती से वीरेंद्र के वह सभी सपने अधूरे रह गए और बेहद ही कम उम्र में वीरेंद्र इस दुनिया को छोड़कर चले गये |

बता दे अभिनेता  वीरेंद्र की शक्ल हुबहू अपने भाई  धर्मेंद्र से मिलती थी और 80 के दशक में धर्मेंद्र की तरह ही वीरेंद्र भी इंडस्ट्री के  टॉप  अभिनेता के तौर पर जाने जाते थे| वैसे तो अभिनेता  वीरेंद्र पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार थे परंतु इन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा है|

वीरेंद्र ने  मुकद्दर और 2 चेहरे जैसी  कुछ  सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों में भी  किया था| वीरेंद्र ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री में भी  नाम कमाना चाहते थे और वो  बॉलीवुड में अपना करियर बनाने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और इसी वजह से  वीरेंद्र के साथ यह अनहोनी हो गयी |

बता दे सन 1988 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ही सेट पर वीरेंद्र को गोली लगी थी जिसकी वजह से उनकी जान चली गई परंतु यह गोली किसने चलाया इसके बारे में आज तक पता नहीं चल पाया है और इससे यही साफ होता है की वीरेंद्र की मौत एक साजिश के तहत हुई थी जिसके लिए उनके  दुश्मनों ने पहले से ही तैयारी की हुई थी  और समय आने पर उन्होंने इस साजिश को अंजाम दे दिया था|

वीरेंद्र की मौत एक  अनसुलझी पहेली बन कर रह गई|वही महज  40 साल की उम्र में वीरेंद्र के  इस दुनिया को अलविदा कह जाने के बाद उनके परिवार वालों को और उनके फैंस को बहुत बड़ा झटका लगा था | वीरेंद्र के बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि यदि आज वह इस दुनिया में होती तो शायद अपने भाई धर्मेंद्र से भी ज्यादा  मशहूर होते क्योंकि वीरेंद्र ने ना सिर्फ पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाया था बल्कि वह बॉलीवुड  फिल्म इंडस्ट्री में भी   सफलता हासिल करना चाहते थे|

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