DGP ने खोले मोहम्मद गौस के राज,प्री-प्लान्ड था कन्हैयालाल का मर्डर, 8 मोबाइल नंबर्स के जरिए पाकिस्तान से कनेक्शन

दोस्तो राजस्थान के उदयपुर में हुई घटना के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डीजीपी एम एल लाठर ने कई खुलासे किए है जिसमे कन्हैया लाल की ह त्या के मामले में आतंकी कनेक्शन की बात सामने आई है ।इसके ही डीजीपी लाठर ने मोहम्मद गौस के बहुत से राजो पर से पर्दा उठाया ।इस मामले से जुड़ी पूरी खबर जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

जहां 8 मोबाइल नंबरों से पाकिस्तान से लगातार संपर्क में था. इसके साथ ही आरोपी गोस मोहम्मद अरब देशों और नेपाल में भी रह कर आया था. वहीं, आरोपी स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहा था.हालांकि,एक दर्जी की नृशंस हत्या के मामले में आतंकवाद विरोधी अधिनियम UAPA’ के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस घटना को आतंकी हमला मानकर जांच-पड़ताल जारी है.वहीं, डीजीपी लाठर ने बताया कि ट्रांस बॉर्डर कनेक्शन की जांचभी की जाएगी. इसके साथ ही ASI को भी सस्पेंड कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आगे की जांच NIA करेगी, जिसमें राजस्थान एटीएस पूरा सहयोग करेगा. बता दें कि, उदयपुर में जघन्य हत्या के बाद पूरे शहर में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई है. इसके अलावा 7 थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं पूरे राजस्थान में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद है.

DGP एमएल लाठेर बोले- मुख्य आरोपी थे दावत-ए-इस्लामी संगठन के संपर्क में

उदयपुर मामले में दोनों आरोपियों की दूसरे देशों से थे संपर्क

इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने उदयपुर की घटना पर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच-पड़ताल में सामने आया कि घटना प्रथम दृष्टया आतंक फैलाने के उद्देश्य से की गई है. जहां पर दोनों आरोपियों के दूसरे देशों में भी संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है. वहीं, उदयपुर की घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है, आगे की जांच एनआईए करेगी, जिसमें राजस्थान एटीएस पूरी मदद करेगी.बता दें कि, उदयपुर मर्डर मामले में गहलोत सरकार ने शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को प्रमोशन देने का फैसला किया है. इसमें पुलिस जवान तेजपाल, नरेन्द्र, शौकत, विकास और गौतम को आउट ऑफ टर्म प्रमोशन दिया जाएगा.

आरोपियों को पाकिस्तान के आका ने बुलाया था कराची

इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान में कराची के एक मौलाना के संपर्क में रियाज था. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कन्हैयालाल का मर्डर पूरी तरह से प्री-प्लान्ड था. जहां दोनों आरोपी मिलकर डर का माहौल बनाना चाहते थे. वहीं, पाकिस्तान के एक आका ने साल 2014-15 में कराची बुलाया था. वहीं, कराची से लौटने के बाद आरोपी रियाज और गौस मौहम्मद ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे. वहीं, इस ग्रुप के जरिए ही रियाज भड़काऊ वीडियो भेज कर लोगों का ब्रेन वॉश कर रहा था.

जानिए क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि उदयपुर (Udaipur)में एक दर्जी की उसके दुकान के अंदर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. दर्जी ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी से सस्पेंड प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर उनका समर्थन किया था. इस दौरान हमलावर उनकी दुकान में कपड़े का माप देने के लिए घुसे और उन पर कई बार चाकुओं से वार किए, जिसके बाद टेलर की मौत हो गई. घटना के एक वीडियो में आरोपियों ने हत्या की जिम्मेदारी ली. घटना में शामिल एक हत्यारे रियाज मोहम्मद ने टेलर की हत्या करने से 11 दिन पहले एक धमकी भरा वीडियो भी अपलोड किया था.

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