बहन की मौ”त बर्दाश्त नही कर पाया भाई, जलती चीता पर कूद के खुद की भी गंवाई जान

दोस्तो आपने भाई बहन के प्यार ओर झगड़ो के किस्से तो बहुत सुने होगे ।दोनो आपस में चाहे कितना लड़े झगड़ ले l लेकिन एक दूसरे के बिना रह भी नही सकते । भाई बहन को कितना ही क्यों न सता ले लेकिन उसके रूठ जाने पर जैसे उसकी जान ही चली जाती है । इतना प्यार करने वाले भाई से यदि उसकी बहन हमेशा के लिए दूर हो जाए तो उस पर क्या बीतेगी ।आज हम आपको ऐसे ही मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे बहन के दुनिया छोड़ने पर भाई ने भी त्यागे अपने प्राण पूरा मामला जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े ।

मध्य प्रदेश के सागर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक भाई अपनी बहन की मौत की खबर सुनकर खुद को मौत के हवाले कर दिया। मामला सागर के मझगुवां गांव का है। खबर है कि बहन ज्योति की मौत की खबर जब चचेरे भाई करण को मिली तो वह होश खो बैठा। 430 किलोमीटर दूर धार से वह बाइक से श्मशान घाट पहुंचा। चलती चिता को प्रणाम किया और उसपर कूद गया। आग में झुलसने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उसकी जान नहीं बची। आग में झुलसे से करण की मौत हो गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, ज्योति खेत पर गई थी। काफी देर तक घर नहीं लौटी। परिवार वालों ने बताया कि ज्योति सब्जियां लेने जाती है, लेकिन काफी देर तक घर नहीं आई तो लगा सहेली के घर होगी। लेकिन देर रात होने के बाद अंदेशा हुआ तो उसकी तलाश शुरू की। दूसरे दिन ज्योति के कुएं में गिरने का अंदेशा हुआ। मोटर लगवाकर पानी खाली करवाया गया। थोड़ी देर बाद कुएं से ज्योति के कपड़े दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।

पुलिस ने ज्योति का शव बाहर निकाला और पीएम के लिए दे दिया। इस बात की खबर जब करण को लगी तो वह तुरंत अपने घर से निकला। ज्योति की चिता के पास गया। बाद में गांव वालों ने देखा तो बताया कि करण ज्योति की चिता के पास झुलसा पड़ा है। गांव के लोग करण को अच्छे से पहचानते थे, क्योंकि वह अकसर मझगुवां आया करता था। बहेरिया के टीआई दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि 21 साल की ज्योति कुएं से पानी भर रही थी। पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गई और डूबने से उसकी मौत हो गई थी। बहन की मौत की खबर ने भाई की भी जान ले ली।

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