बारिश में लापता हुया विमान, कुल 22 यात्रियों में 4 भारतीय लोग थे सवार,सभी के मिले शव

दोस्तो आपने बहुत बार सुना होगा कि समंदर में निकला जहाज या उड़ान भरने के बाद प्लेन अचानक गायब हो गया जिसमे काफी लोग सवार थे । ऐसे समंदर के बीचोबीच या खुले आसमान से ये जहाज गायब कहां हो जाते है और इन जहाजो में सवार यात्रियों के परिवार वालों को जब ये खबर मिलती है कि उनके घर का सदस्य गायब हो गया है उसके लौटने की कोई उम्मीद नही है तो उन पर क्या बीतती होगी आज हम आपको ऐसे ही एक मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे 22 यात्रियों सहित एक प्लेन गायब हो गया क्या है पूरा मामला जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

नेपाल से तारा एयरलाइन (Nepal, Tara Air) के लापता होने की खबर आ रही है.जानकारी के अनुसार इसमें 22 लोग सवार थे. टीवी रिपोर्ट के अनुसार नेपाल की तारा एयरलाइन का प्लेन 1 घंटे से लापता है इसमें 4 भारतीयों सहित 22 लोग सवार थे.

हवाईअड्डा अधिकारी ने क्‍या कहा

न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने हवाईअड्डा अधिकारी के हवाले से खबर दी है कि तारा एयर के 9 एनएईटी जुड़वां इंजन वाले विमान में 19 यात्री सवार थे, जिसने पोखरा से जोमसोम के लिए सुबह 9:55 बजे उड़ान भरा था. उड़ान भरने के बाद इसका संपर्क टूट गया.

कौन थे विमान में सवार

नेपाली मीडिया की मानें तो लापता विमान में चार भारतीय और तीन जापानी नागरिक सवार हैं. शेष यात्री नेपाली नागरिक हैं.

एमआई-17 हेलीकॉप्टर को लेटे, मस्टैंग के लिए रवाना किया गया

ज़िला पुलिस कार्यालय, मस्टैंग के डीएसपी राम कुमार दानी ने न्‍यूज एजेंसी ANI को बताया कि हम तलाशी अभियान के लिए इलाके में हेलीकॉप्टर तैनात कर रहे हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि नेपाली सेना के एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को लेटे, मस्टैंग के लिए रवाना किया गया है, जो लापता तारा एयर विमान का संदिग्ध दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र है.

इलाके में पिछले कुछ दिन से हो रही है बारिश

बताया जा रहा है कि विमान ने जोमसोम पर्वतीय शहर के लिए 15 मिनट की निर्धारित उड़ान भरी थी. उसका उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद हवाई अड्डा टॉवर से संपर्क टूट गया. पुलिस अधिकारी रमेश थापा ने बताया कि ‘ट्विन ओट्टर’ विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है और तलाश अभियान जारी है. इलाके में पिछले कुछ दिन से बारिश हो रही है, लेकिन विमान संचालन सामान्य है. इस मार्ग पर विमान पर्वतों के बीच उड़ते हैं और फिर एक घाटी में उतरते हैं. यह उन विदेशी पर्वतारोहियों के बीच लोकप्रिय मार्ग है जो पर्वतीय मार्ग पर चढ़ाई करते हैं. यह मुक्तिनाथ मंदिर जाने वाले भारतीय और नेपाली तीर्थयात्रियों के लिए भी लोकप्रिय मार्ग है.

रविवार को क्रैश हुए नेपाल की तारा एयरलाइसं का मलबा सोमवार को मिल गया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, विमान में 19 पैसेंजर और 3 क्रू मेंबर्स थे। सभी 22 लोगों की मौत हो गई। इनके शव भी बरामद हो गए हैं। हालांकि, बर्फबारी और घने कोहरे के चलते नेपाल आर्मी के हेलिकॉप्टर इन शवों को काठमांडू नहीं पहुंचा पा रहे हैं। विमान में 4 भारतीय भी थे। नेपाल आर्मी की सर्च एंड रेस्क्यू टीम को मुस्तांग के सैनोसवेयर इलाके की पहाड़ी पर मलबा मिला है। एयरक्राफ्ट 43 साल पुराना था।

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