हाथ से चलने वाले दिव्यांग को दिल दे बैठी लड़की,एक रोंग कॉल से हुआ प्यार तो उसी से रचाई शादी

मित्रों इसमें कोई दो राय नही है कि हर एक के जीवन में शादी का बहुत बड़ा महत्व होता है, क्योंकि शादी एक ऐसा बंधन है जो दो दिलो के साथ साथ दो परिवारों को भी जोड़ती है, शादी एक ऐसा बन्धन है जिससे आगे का जीवन सही तरीके से चलता है, पर कुछ ऐसी शादियां भी होती है, जिन्‍हे देखने के बाद बहुत ही है-रानी होने लगती है। आज भी कुछ ऐसी ही खबर सुनने में आ रही है। हालाकि इस दुनिया में रिश्‍ते बनाना और उन्‍हे संभालना आसान बात नही है, कहते है जोडि़यां भगवान पहले से तय करके रखता है, ऐसे में हम इंसान चाहे कितनी भी भाग दौड़ क्यूँ ना कर लें पर, हमारा हमसफ़र वही बनेगा, जो हमारी किस्मत में लिखा जा चुका है। इसी क्रम में आज हम जिस शादी की बात करने वाले है उसके अनुसार एक गलत कॉल की वजह से एक लड़की हाथ से चलने वाले दिव्यांग को दे बैठी दिल, यहां तक कि शादी करने के लिए पहुंची प्रेमी के घर। खबर विस्तार से जानने केलिये इस पोस्ट के अंत तक बने रहे।

आपको बता दें कि इस दुनिया में प्रेम ही एकमात्र ऐसी चीज है, जिसे परिभाषित नहीं किया जा सकता है। प्रेम को धन देकर खरीदा भी नहीं जा सकता है। ऐसा कहा जाता है, कि जिस इंसान को प्रेम होता है, वही प्रेम का एहसास कर सकता है। बहुत से कवि ऐसे हैं, जो प्रेम को सर्वोच्च गुण की उपाधि भी दे चुके हैं। हम सभी लोग आए दिन बहुत सी प्रेम कहानियां सुनते रहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं। इसी बीच सुपौल में एक ऐसी ही जोड़ी की काफी चर्चा हो रही है। जानकारी के मुताबिक इस जोड़ी की प्रेम कहानी एक मिस्ड कॉल से शुरू हुई थी पर कुछ ही पलों में जाने क्या बातचीत हुई कि गौरी दोनों पैरों से दिव्यांग हाथों से चलने वाले मुकेश को दिल दे बैठी और आखिर में गौरी ने उससे शादी कर ली। ऐसा बताया जा रहा है कि गौरी नाम की लड़की जो मूल रूप से झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली है, उसने एक दिन भूल से एक नंबर पर मिस्ड कॉल कर दिया था। गौरी का ऐसा बताना है कि वह नंबर सुपौल के बसबिट्टी गांव के रहने वाले मुकेश का था। मिस्ड कॉल से ही इन दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया और बातचीत करते करते यह दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे, पर गौरी ने शादी का प्रस्ताव तब रखा था जब मुकेश ने उसे साफ साफ अपने दिव्यांग होने के बारे में सब कुछ बता दिया था। मुकेश ने तो गौरी से शादी करने के लिए मना भी कर दिया था।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि जब मुकेश ने गौरी को अपने दिव्यांग होने के बारे में सब कुछ बता दिया और उसने गौरी से शादी करने के लिए इंकार किया तो इस प्रेम संबंध से गौरी किसी भी तरह हटने के लिए तैयार नहीं हुई। वह मुकेश को दिल दे बैठी थी। गौरी ने यह फैसला कर लिया था कि अगर वह किसी से शादी करेगी तो वह मुकेश ही होगा। फिर क्या था उसने ट्रेन पकड़ी और सुपौल के लिए रवाना हो गई। गौरी के साथ उसका भाई भी था। जब बहन के साथ झारखंड से सुपौल पहुंचकर गौरी के भाई ने मुकेश को देखा कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है, तो उसने अपनी बहन गौरी को अपने साथ वापस लौटने के लिए कहा, पर गौरी वापस जाने के लिए तैयार नहीं हुई थी। उसने अपने भाई से कहा कि मुकेश के पैर नहीं है तो क्या? वह शादी करेगी तो उसी से। गौरी ने अपने भाई से कहा कि जीवन में दोनों साथ होंगे तो मिलजुल कर हंसी-खुशी, सुख-दुख आराम से कट जाएंगे। गौरी सिर्फ मुकेश से शादी करने की जिद पर अड़ी रही।

मुकेश का ऐसा बताना है कि उसकी मां का बचपन में ही निधन हो गया था। उसके पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। मुकेश ने अपनी मौसी के साथ सुपौल कोर्ट पहुंचकर गौरी और उसके भाई से मुलाकात की। वहीं गौरी भी मुकेश से शादी करने की जिद पर अड़ी रही। आखिर में गौरी की जिद के आगे उनको घुटने टेकने पड़ गए और सभी इस विवाह के लिए राजी हो गए। गौरी और मुकेश की शादी सुपौल के रजिस्टार कार्यालय में हुई। मुकेश का ऐसा कहना है कि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थे पर जब गौरी सुपौल तक आ गई, तो वह इस शादी के लिए मना नहीं कर पाए। इस प्रेम कहानी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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