मछुआरो के जाल में फंसी 16 फीट की भारी भरकम ‘श्रापित मछली’,लोगो को सताया अनहोनी होने का डर

दोस्तो समंदर दिखने में जितना खूबसूरत लगता है। उतने ही गहरे राज समुद्र की गहराइयों में छिपे है ।जिससे आज तक ये दुनिया अनजान है ।समय आने पर ये खुद सबके सामने खुल जाते है जिसके बाद सभी सोचने पर मजबूर हो जाते है।ऐसा ही एक मामला चिली में देखने को मिला है जिसके बाद से सभी बड़ी चिंता में नजर आ रहे है आखिर क्या है सबकी चिंता का कारण जानने के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

जाल में अपने आप आकर फंसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक चिली के एरिका में कुछ मछुआरे अपने जहाज से समुद्र में गए थे। उनका मकसद ऐसी मछलियों को पकड़ना था, जिसको लोग खाने के लिए खरीदते हैं। इस बीच उनके जाल में एक बड़ी मछली फंसी। शुरु में उनको लगा कि उनके हाथ जैकपॉट लग गया, लेकिन जब वो उसको लेकर किनारे पर पहुंचे, तो सबकी चिंता बढ़ गई।

देखने पहुंचे बहुत से लोग

वो मछली तो 16 फीट की है, ऐसे में मछुआरों को लग रहा था कि वो उनको मालामाल कर देगी, लेकिन वहां के लोग उसे श्रापित मछली मान रहे हैं। इस मछली के पकड़े जाने की खबर शहर में आग की तरह फैली और उसे देखने बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद किसी ने उसका वीडियो बनाकर टिकटॉक पर डाल दिया, जिस पर लाखों व्यूज आए हैं।

1000 मीटर की गहराई में रहती है इस मछली को कोलोसज साइज की ओरफिश कहा जाता है। इसके किंग ऑफ हेरिंग्स भी बुलाते हैं। जीव वैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी लंबाई 5 मीटर से ज्यादा भी हो सकती है और ये काफी दुर्लभ है। ये समुद्र में 200 से 1000 मीटर की गहराई में रहती हैं, लेकिन इसे मछुआरों ने समुद्र तट के पास पकड़ा, ऐसे में ये समझ नहीं आ रहा कि ये वहां कैसे आई। कुछ लोगों का दावा है कि जब इनको भूकंप का अंदेशा होता है, तभी ये तट के किनारे आती हैं। हालांकि वैज्ञानिक इस बात का हमेशा से खंडन करते आ रहे हैं।

क्यों कहा जाता है श्रापित? कुछ लोगों का दावा है कि ये मछली भविष्य बताती है। अगर ये आपको तट के किनारे दिखी तो समझ जाइए उस इलाके में कोई आपदा आने वाली है। 2011 में ये मछली जापान में नजर आई थी, जिसके बाद फुकुशिमा में भयंकर भूकंप आया । ऐसी कई और भी घटनाएं हुई हैं, जिस वजह से उनको श्रापित माना जाता है।

टेक्टोनिक प्लेट्स में हुई घर्षण?

फिलहाल चिली में इस मछली को क्रेन की मदद से नाव से उतारा गया। इसका वजन ज्यादा होने की वजह से मछुआरों को भी काफी दिक्कत हुई। एक थ्योरी ये भी है कि जब टेक्टोनिक प्लेट्स में घर्षण होता है, तो इनको पता चल जाता है। ऐसे में ये भूकंप का अंदाजा लगाकर बचने के लिए समुद्र के किनारे की ओर आती हैं, लेकिन अभी तक इस बारे में एकदम पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।

 

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