गले लगकर बच्ची बोली,‘इतनी देर क्यों कर दी’,ये शब्द सुन गोद लेने वाले दम्पति के छलके आँसू

दोस्तो बिना माता पिता के बच्चे का जीवन कुछ भी नही है ।इस दुनिया में ऐसे बहुत से बच्चे है जिनके माता पिता नही है ।ऐसे बच्चे कुछ अनाथ आश्रमो में पल जाते है तो कुछ ऐसे ही सड़को पर बड़े हो जाते है । इस दुनिया में ऐसे कपल्स भी बहुत है जिनकी कोई औलाद नहीं लेकिन कोई इन बच्चो को अपनाने की हिम्मत नही दिखाता बहुत कम लोग ऐसे होते है जो इन अनाथ बच्चों को अपना कर उन्हे माता पिता का प्यार देते है और उनका जीवन संवार देते है ।इन बच्चो को कोई रुपया पैसा नही चाहिए इन्हें तो बस थोड़ा प्यार चाहिए अगर उन्हें कहीं से भी थोड़ा प्यार मिल जाए तो उसे ये अपनी खुशनसीबी मानते है ।आज हम आपको एक ऐसे मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे एक माता पिता के प्यार को तरसते बच्चो को मिला मां का प्यार और पिता का साया .क्या है पूरा मामला जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े

अनाथ बच्चों को मिले मम्मी-पापा, बच्ची गोद लेने वालों के गले लगकर बोली, ‘इतनी देर क्यों कर दी’

कुछ इसी तरह की खुशी यूपी के आगरा के राजकीय शिशु गृह में उस वक्त छा गई जब यहां रहने वाले अनाथ बच्चों को उनका नया परिवार मिल गया. एक रिपोर्ट के मुताबिक इस शिशु गृह में रहने वाले साढ़े चार साल के लड़के और साढ़े तीन साल की लड़को को उन्हें जन्म देने वाले माता-पिता संस्था के बाहर पालने में डालकर चले गए थे. जब ये बच्चे बोलना सीखे और बातों को समझने लगे तो इन्होंने अपने माता-पिता के बारे में पूछना शुरू कर दिया.

जब मासूम बच्ची शिशु गृह में उनकी देखभाल करने वाले स्टाफ से पूछती कि उसके मम्मी-पापा कब आएंगे तो उन्हें जवाब मिलता कि जल्द आएंगे. शायद स्टाफ ये बात उनका मन रखने के लिए कहते हों, लेकिन उनकी कही बात सच साबित हो गई है. इन बच्चों को गोद ले लिया गया है. जब बच्चों के दत्तक माता-पिता उन्हें गोद लेने आए तो वह दौड़ कर उनके गले लग गए. बच्चों का प्यार देख उन्हें गोद लेने वाले दंपतियों की आंख भी नम हो गईंं. बता दें, आगरा के इस शिशु गृह में इस समय 12 बच्चे हैं. जिनमें तीन बालक और दो बालिकाओं को गोद दिया गया है.

बालक को कन्या कुमारी में रहने वाले सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और उनकी पत्नी ने गोद लेने का फैसला किया. जबकि बालिका को नोएडा के एक दंपती ने गोद लेने का फैसला किया. कर्मचारियों ने दोनों बच्चों को बताया कि माता-पिता उन्हें लेने आ रहे हैं. आया की बात को सच मान कर ये दोनों बच्चे अपने माता पिता का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. ऐसे में जब दंपती उन्हें गोद लेने आए तो बच्चे पापा-मम्मी कहकर उनसे लिपट गए.
दंपती की आंखें उस समय नम हो गईं जब उनकी गोद ली हुई बेटी ने उनसे शिकायत करते हुए कहा कि उन्होंने उसे लेने आने में इतनी देर क्यों कर दी. वहीं साढे चार साल के बालक ने अपने नए सैन्यकर्मी पिता से कहा कि उसे घर जाने के बाद स्कूल जाना है. दंपती ने बेटे से वादा किया कि वह घर ले जाते ही वह उसे स्कूल लेकर जाएंगे. पिता ने अपना वादा पूरा किया, बेटे को अपने साथ ले जाने के तीन सप्ताह बाद ही उसका पब्लिक स्कूल में एडमिशन करा दिया.

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