“मेरी लाश मत खोजना,अब मुझे इस दुनिया से जाना होगा, 10वीं में कम नंबर आये तो बेटी ने सुसाइड नोट लिख जीवन किया ख़त्म

दोस्तों आप लोग इस बात से अवगत होगे कि जब बच्चे मन लगा कर और मेहनत करते है उसके बाद भी परिणाम अच्छा नहीं आता तो मन उदास सा हो जाता है पर वही हर साल जब भी दसवीं, और बारहवीं की परीक्षा का परिणाम आता है तो कई छात्र खुश भी होते है तब कई बच्चे हताश होते हैं और मौ:त को गले लगा लेते हैं हम लोग बच्चों को जीतना तो सीखा देते हैं पर हारना नहीं सिखाते हैं जबकि बच्चों को जीतना और हारना दोनों सिखाना चाहिए. दसवीं, बारहवीं की परीक्षा का परिणाम आपके जीवन से कीमती नहीं है परीक्षा का परिणाम और न ही यह आपके पूरे भविष्य का निर्धारण करता है समाज में जरूरत है बच्चों को हार और जीत, सफलता और असफल को बारीक से बताने की और एक ऐसा ही मामला सामने आया है कम नंबर आने पर अपने जीवन को खत्म कर लिया आगे जानने के लिए पोस्ट के अंत तक बने रहिये

दरअसल गणेशदत्त नगर में रहने वाले हार्डवेयर कारोबारी चन्द्रमणि ललन की पुत्री श्रेया कुमारी उर्फ खुशी उम्र महज 15 साल श्रेया चार दिन पहले अपने माता पिता के साथ नाना के घर आई हुई थी. माता पिता तो अपने घर लौट गए पर बेटी ने कहा वह श्रावणी मेला देखने के बाद घर आ जाएगी. इसी बीच शुक्रवार को सीबीएसई का 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद जहां बहुत से बच्चे और उनके परिजन खुश हो रहे थे. वहीं श्रेया अपना रिजल्ट देख कर बहुत दुखी थी; क्योंकि उसके बहुत कम नंबर आए थे श्रेया को उम्मीद थी कि उसके 90 प्रतिशत नंबर आएंगे, लेकिन महज 59 प्रतिशत ही आए, जिसके चलते वो काफी गुमसुम हो गई. उसके मन में क्या चल रहा है किसी को नहीं पता था किसी को पता नहीं था कि एक लड़की जो सीधी-सादी पढ़ने में अच्छी क्या मन की इतनी कमजोर है कि वह कम नंबर आने पर अपने जीवन को खत्म कर लेगी. अपने परिवार और अपनों को छोड़ कर चली जाएगी.

श्रेया कुमारी उर्फ खुशी का 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट आने के ठीक अगले दिन श्रेया अपने साथ एक बेग, पानी की बोतल और मुंह में कपड़ा बांध कर घर से बाहर निकल गई और लौट कर नहीं आई. रात के साढ़े तीन बजे जब उसके नाना शिवशंकर चौधरी ने कमरे में श्रेया को नहीं देखा तो उनकी बैचेनी बड़ गई उन्होने उसके माता पिता को कॉल करके अपने घर बुला लिया दोनों परिवार के लोग श्रेया की तलाश में जुट गए. घरवालो को श्रेया तो नहीं मिली पर उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला जिसे पढ़ कर सबके होश उड़ गए सभी रोने लगे. ” सुसाइड नोट में लिखा था “पापा-मम्मी मुझे मॉफ कर देना,अब मुझे इस दुनिया से जाना होगा. बहुत जी ली मैंने ये जिंदगी, ऐसे में मुझे अब और जीने की हिम्मत नहीं है. आप लोग बहुत याद आएंगे. उम्मीद करती हूं अगले जन्म में भी आप ही लोग मुझे मिलेंगे. मेहरबानी करके आप लोग मेरी लाश को खोजने की कोशिश मत कीजिएगा क्योंकि वह नहीं मिलेगी, मै खुद को गंगा के किनारे मरने जा रही हूं.”. वहीं छात्रा श्रेया की मां कुमारी नीलमणि ने बेटी के अचानक गायब होने से बिहोश हो गई हैं पापा तुम जहां भी हो वापस आ जाओ. मामा, मम्मी, पापा सभी का रो रो कर बुरा हाल है. पुलिस भी तेजी से बच्ची की फोटो लेकर जगह-जगह पर ढूंढ़ रही है.

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