दिल की बीमारी का संकेत देते है ये लक्ष्ण,भूलकर भी न करे नजर अंदाज नहीं तो होगी गंभीर बिमारी

मित्रो जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि स्वास्थ्य सही रखने के लिए प्रर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन आवश्‍यक है, ये हम सभी जानते हैं फिर भी आवयश्यकता अनुसार पानी नहीं पीते हैं। ऐसे में शरीर में पानी की कम मात्रा होने पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं, जो इशारा करते हैं कि शरीर में आवश्‍यक मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में हमें सचेत हो जाना चाहिए ताकि इससे पहले कि पानी के अभाव में शरीर दुष्परिणाम स्वरूप कई सारी बीमारियां घेरने लगें। इसके अतिरिक्त दुनियाभर में दिल से जुड़ीं बीमारियां मृत्यु की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है। मौजूदा वक्त में लोग खराब खान-पान और व्यस्त जीवनशैली की वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों का तेजी से शिकार हो रहे हैं। वैसे तो दिल की बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है। इसी क्रम में आज हम कुछ ऐसे संकेतो के संबंध में बात करने वाले है,जिन्हें नजर अंदाज करना पड़ सकता है भारी। जिन 10 संकेतो की बात की जा रही है वो कुछ इस प्रकार से है…,

इन 10 लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी, देते हैं दिल की बीमारी का संकेत…,

सांस लेने में तकलीफ : अक्सर सांस लेने में तकलीफ या फिर तेजी से सांस चलने को फेफड़ों से जुड़ी समस्या मान लिया जाता है जबकि ऐसा नहीं है। अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि ये दिल की नसों में ब्लॉकेज की समस्या का एक संकेत हो सकता है।

दिल की अनियमित धड़कन : अगर आपको बीते कुछ दिनों से ऐसा लग रहा है कि आपके दिल की धड़कन बहुत ज्यादा तेज या फिर धीरे चल रही है तो आपको जरूरत है इस संकेत पर ध्यान देने की। जी हां, अक्सर दिल की नसों में होने वाली ब्लॉकेज के कारण आपके दिल की धड़कनें कम या तेज हो सकती हैं। दिल की नसों में रक्त की आपूर्ति कम होने की वजह से ऐसा होता है।

बहुत ज़्यादा पसीना आना : बिना किसी वर्कआउट और काम के ज्यादा पसीना आना दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। जब हृदय रक्त को ठीक से पंप करने में असमर्थ होता है तो बिना किसी कारण के बहुत ज्यादा पसीना आता है। अगर आपके माता-पिता में यह लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना लापरवाही बरते डॉक्टर की सलाह लें।

हाई ब्लड प्रेशर : इन दिनों हाई ब्लड प्रेशर की समस्या लोगों में कॉमन हो गई है। 50 वर्ष से ऊपर की उम्र के बाद इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। आप अपने पैरेंट्स का हर हफ्ते या 15 दिनों के अंदर डिजिटल ब्लड प्रेशर मापने वाली मशीन की मदद से ब्लड प्रेशर चैक कर सकते हैं। यदि आपके माता-पिता उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, तो आपको नियमित रूप से जांच करानी चाहिए। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप आपके दिल को कठोर बना सकता है जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

खर्राटे : अगर कोई आम तौर पर खर्राटे लेता है तो ये कोई गलत बान नहीं है, ये साइनस भी हो सकता है, लेकिन खर्राटे से ये समझ आता है कि कहीं दिल की बीमारी तो नहीं। अगर किसी के खर्राटे बदल गए हैं और खर्राटे लेते समय ऐसी आवाज़ आ रही है जैसे कोई चोक हो रहा हो या फिर सांस लेने में दिक्कत समझ आ रही है तो ये स्लीप एप्निया हो सकता है, ऐसा होने पर दिल पर स्ट्रेस ज्यादा पड़ता है। ऐसे में दिल के कमज़ोर होने की गुंजाइश बढ़ सकती है।

सीने में दर्द : कई बार आपके माता-पिता और यहां तक कि आप भी सीने में होने वाले दर्द को गैस या एसिडिटी मानकर अनदेखा कर देते हैं। अगर आपके पैरेंट्स को छाती में दर्द या दबाव महसूस होता है तो यह दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, आर्टरी में ब्लॉकेज होने के कारण भी सीने में दर्द हो सकता है। इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। ऐसा बहुत कम मामलों में होता है कि किसी को सीने में दर्द के बिना ही हार्ट अटैक आ जाए।

यूरिन में झाग : किडनी का सीधा संबंध दिल से होता है। इसलिए यूरिन में झाग बनने का इशारा कई बार हृदय से संबंधित बीमारी की ओर भी होता है। ये झाग यूरिन में प्रोटीन की ज्यादा मात्रा होने के कारण बनते हैं। यूरिन में प्रोटीन ज्यादा होने के कारण अटैक के चांस भी ज्यादा होते हैं।

पैरों में सूजन : क्या आप के जूते टाइट लग रहे हैं? या क्या आपके जूते पैरों में फिट नहीं हो रहे हैं? इसका कारण मुख्य रुप से कमजोर दिल के कारण एक ही जगह खून जमा होना भी हो सकता है। कमजोर दिल के कारण खराब खून शरीर के विविध भागों में जम जाता है। इसके कारण कई बार गुरुत्वाकर्षण के कारण खून पैरों में जमने लगता है।

थकान : किसी भी काम के बाद थकावट महसूस होना कमजोर दिल का लक्षण है। अगर आपको किसी भी शारीरिक कार्य के बाद थकावट महसूस होती है और आप अगर तनाव महसूस करते है तो आपका दिल कमजोर हो सकता है। लगातार थकावट महसूस होने का प्रमुख कारण है कि दिल आप के शरीर में जरूरी मात्रा में खून की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। खून का बहाव कम होने के कारणों में एक कारण यह भी है कि आप की नसों को बंद होने से आप का दिल ठीक से काम नहीं कर रहा। कई बार थकावट का कारण तनाव या अधिक मात्रा में काम करना भी हो सकता है। अगर आप पर्याप्त मात्रा में नींद लेते है तो इस समस्या से निजात पा सकते है।

चक्कर आना : अगर आपको बीते कुछ दिनों से ऐसा महसूस हो रहा है कि आपको चक्कर आ रहे हैं और आपका शरीर घूमता रहता है या फिर बेहोशी जैसा कुछ हो रहा है तो भूलकर भी इस संकेत को नजरअंदाज न करें क्योंकि ये संकेत दिल की नसों में होने वाली ब्लॉकेज को दर्शाता है। जब नसों में ब्लॉकेज की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो रक्त की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो पाती है, जिसकी वजह से ऐसा होता है।

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